भारत की प्राचीनतम मार्शल आर्ट कलरिपयट्टू को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। इंडियन कलरिपयट्टू फेडरेशन द्वारा 27 से 29 मार्च तक तिरुवनंतपुरम, केरल में राष्ट्रीय कलरिपयट्टू चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उत्तराखंड की टीम भी हिस्सा लेगी।
राज्य की टीम के चयन के लिए कलरिपयट्टू एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड ने राज्य स्तरीय ट्रायल आयोजित करने का निर्णय लिया है। कुमाऊं मंडल के खिलाड़ियों के लिए 26 फरवरी को स्पोर्ट्स स्टेडियम हल्द्वानी (नैनीताल) में चयन ट्रायल होंगे, जबकि गढ़वाल मंडल के लिए 28 फरवरी और 1 मार्च को देहरादून स्थित सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल में ट्रायल आयोजित किए जाएंगे।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर आयु वर्ग के इच्छुक बालक-बालिकाएं प्रातः 11 बजे निर्धारित स्थल पर पहुंचें। प्रतिभागियों को आयु प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड की छायाप्रति साथ लाना अनिवार्य होगा। हल्द्वानी ट्रायल की जिम्मेदारी अश्वनी पाल को सौंपी गई है, जबकि देहरादून ट्रायल का दायित्व एस.के. को दिया गया है।
बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष बडोनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विपिन बलूनी, महासचिव एस.के. सार्की, संयुक्त सचिव मोइन खान और सदस्य कबिलास नेगी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। संचालन महासचिव एस.के. सार्की ने किया।
कलरिपयट्टू केरल की प्राचीन योद्धा कला है, जो शारीरिक दक्षता के साथ मानसिक और आध्यात्मिक विकास पर भी बल देती है। उत्तराखंड के खिलाड़ी इस राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं।