सुबह सूचना, ऋषिकेश में गौ-संवर्धन और सांस्कृतिक चेतना को समर्पित फिल्म ‘गोदान’ के विशेष प्रदर्शन ने एक ऐतिहासिक दृश्य प्रस्तुत किया। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल के आह्वान पर ‘रामा पिक्चर पैलेस’ में नारी शक्ति का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा।
कार्यक्रम में लगभग 1100 से अधिक महिलाओं ने भाग लेकर आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। सिनेमाघर की क्षमता कम पड़ने के कारण हॉल ‘हाउसफुल’ हो गया। भारी भीड़ के चलते कई महिलाओं को अंदर प्रवेश नहीं मिल सका, जिन्हें आगामी शो में फिल्म दिखाने की व्यवस्था का आश्वासन दिया गया।
इस अवसर पर कुसुम कंडवाल ने कहा कि गाय केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति, सामाजिक संरचना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का भी संगम है। उन्होंने कहा कि गौ-संवर्धन केवल परंपरा का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संतुलन से भी जुड़ा हुआ है।
कार्यक्रम में सरोज डिमरी, माधवी गुप्ता, सुंदरी कंडवाल, कमला नेगी, लक्ष्मी सेमवाल, सोनी रावत, पुष्पा ध्यानी, अनिता तिवारी, रीना शर्मा, नीलम चमोली, हिमानी कौशिक, निवेदिता सरकार, निर्मला उनियाल, माधुरी नरेंद्र शर्मा, सीमा पंवार और आरती कौशिक सहित क्षेत्र की अनेक प्रबुद्ध महिलाएं उपस्थित रहीं।
आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब नारी शक्ति किसी सामाजिक और सांस्कृतिक उद्देश्य से जुड़ती है, तो वह एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकती है।