नई दिल्ली,। प्रधानमंत्री **नरेन्द्र मोदी** और फ्रांस के राष्ट्रपति **इमैनुएल मैक्रों** के बीच मुंबई में हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद भारत और फ्रांस ने अपने संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक उन्नत करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। दोनों देशों ने 2047 तक सहयोग को नई दिशा देने के लिए ‘क्षितिज-2047’ रोडमैप तैयार करने और वार्षिक विदेश मंत्री संवाद स्थापित करने पर सहमति जताई।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में रक्षा एवं सुरक्षा, तकनीक और नवाचार, स्वास्थ्य, ऊर्जा तथा महत्वपूर्ण उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग को विस्तार देने का फैसला किया गया। साथ ही दोहरे कराधान से बचाव संबंधी समझौते के प्रोटोकॉल में संशोधन पर भी सहमति बनी।
राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को इस वर्ष फ्रांस में आयोजित होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने का आमंत्रण दिया। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत-फ्रांस साझेदारी वैश्विक स्थिरता के लिए एक सशक्त शक्ति है।
इस अवसर पर कर्नाटक के वेमागल में एच125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन किया गया। नई दिल्ली स्थित एम्स में स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत-फ्रांसीसी एआई केंद्र की भी शुरुआत हुई। दोनों नेताओं की उपस्थिति में ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष’ और इनोवेशन नेटवर्क की भी शुरुआत की गई।
रक्षा क्षेत्र में सहयोग समझौते का नवीनीकरण किया गया। संयुक्त उद्यम के तहत भारत में हैमर मिसाइल का निर्माण होगा तथा दोनों देशों की सेनाओं में अधिकारियों की परस्पर तैनाती की जाएगी। महत्वपूर्ण खनिज, उन्नत सामग्री और डिजिटल विज्ञान के क्षेत्र में भी नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
दोनों देशों ने स्टार्टअप, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य अनुसंधान और कौशल विकास में सहयोग को और सुदृढ़ करने का संकल्प लिया है।