जनपद देहरादून में बाल भिक्षावृत्ति उन्मूलन और बच्चों के पुनर्वास को लेकर प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में 41-सीटर बस सेवा की शुरुआत की गई है, जो जरूरतमंद बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने के लिए समर्पित होगी।
यह बस आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर, साधु राम इंटर कॉलेज, राजा रोड में पंजीकृत बच्चों के लिए शुरू की गई है। जिलाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर इस बस को रवाना किया। इस पहल के तहत डीएमएफ (जिला खनिज निधि) फंड से बस उपलब्ध कराई गई है, जिससे बच्चों को शिक्षा तक पहुंचाने और रेस्क्यू कार्य को और प्रभावी बनाया जा सके।
गौरतलब है कि इससे पहले भी जिला प्रशासन द्वारा भिक्षावृत्ति और बाल मजदूरी में संलिप्त बच्चों के रेस्क्यू के लिए तीन वाहनों की व्यवस्था की जा चुकी है। अब तक इंटेंसिव केयर सेंटर के माध्यम से 369 बच्चों को रेस्क्यू कर उनके शैक्षणिक पुनर्वास की दिशा में काम किया गया है। इनमें से 200 से अधिक बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जा चुका है।
प्रशासन ने शहर के चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी के लिए 15 होमगार्ड जवानों की तैनाती भी की है, जिससे बच्चों को समय रहते रेस्क्यू किया जा सके।
आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कंप्यूटर शिक्षा, खेलकूद, संगीत प्रशिक्षण, योग और पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसका उद्देश्य केवल बच्चों को भिक्षावृत्ति से निकालना ही नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना है।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा रेस्क्यू के बाद बच्चों की शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। विभागों के बीच समन्वय बढ़ाकर इस पहल को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।