देहरादून। मसूरी में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 707ए (त्यूनी-चकराता-मसूरी-बाटाघाट) पर होटल देवलोक के समीप प्रतिधारक दीवार क्षतिग्रस्त होने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। प्रशासन ने संबंधित व्यक्तियों पर 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, साथ ही लगभग 80 लाख रुपये की अतिरिक्त आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) भी जारी की है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना आरोपियों को महंगा पड़ गया है।
जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देश पर संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने मौके का संयुक्त निरीक्षण किया। टीम में नगर पालिका परिषद मसूरी, कोतवाली मसूरी, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए), राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग डोईवाला और जिला खान अधिकारी के प्रतिनिधि शामिल रहे।
जांच में सामने आया कि संबंधित संपत्ति 349.50 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में अनीता थलवाल, सुनीता धनई और सतीश गोयल के नाम दर्ज है। एमडीडीए से आवासीय मानचित्र के तहत 420.66 वर्ग मीटर निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। निर्माण कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग से निर्धारित दूरी पर ही अनुमन्य था।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि जेसीबी और एक्सकेवेटर मशीनों से राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर अवैध खनन किया गया, जो स्वीकृत मानकों के विपरीत था। इसके चलते मलबा खिसकने से प्रतिधारक दीवार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मार्ग यातायात के लिए असुरक्षित हो गया।
जन सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने मार्ग को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। यातायात को मोतीलाल नेहरू मार्ग, हाथीपांव मार्ग और नगर पालिका मार्ग से डायवर्ट किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी और जनहित से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।