देहरादून। भारतीय युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव सुरभि द्विवेदी और उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने कांग्रेस मुख्यालय में संयुक्त प्रेस वार्ता कर प्रदेश की कानून व्यवस्था और कथित धार्मिक संगठनों की गतिविधियों पर गंभीर सवाल उठाए।
सुरभि द्विवेदी ने कहा कि भगवान हनुमान शक्ति, सेवा और न्याय के प्रतीक हैं, लेकिन कुछ संगठन बजरंग बली के नाम पर अराजकता फैला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वैलेंटाइन डे जैसे अवसरों पर युवाओं के साथ मारपीट करना या अल्पसंख्यक समुदाय की दुकानों पर हमले करना किसी भी धर्म की सेवा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देवभूमि की शांति भंग करने वालों के खिलाफ यूथ कांग्रेस ढाल बनकर खड़ी होगी।
प्रेस वार्ता में अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेताओं ने सवाल किया कि यदि कुछ संगठन स्वयं को हिंदू हितों का रक्षक बताते हैं, तो उन्होंने न्याय की मांग को लेकर मुखर भूमिका क्यों नहीं निभाई। उनका कहना था कि धर्म के नाम पर हिंसा फैलाने के बजाय समाज में शिक्षा, सद्भाव और सेवा की भावना को बढ़ावा देना चाहिए।
वहीं गरिमा मेहरा दसौनी ने देहरादून में पिछले 15 दिनों में हुई पांच हत्याओं का हवाला देते हुए राज्य सरकार पर कानून व्यवस्था संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब पुलिस मुख्यालय और सचिवालय के नजदीक दिनदहाड़े वारदातें हो रही हैं, तो आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार केवल इवेंट मैनेजमेंट में व्यस्त है, जबकि अपराधियों में पुलिस का भय समाप्त होता जा रहा है। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार तुरंत प्रभावी कदम उठाए और प्रदेश में शांति व कानून व्यवस्था सुनिश्चित करे।