देहरादून। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आयोजित देशव्यापी हड़ताल का व्यापक असर राजधानी देहरादून में भी देखने को मिला। विभिन्न कर्मचारी संगठनों और श्रमिक यूनियनों ने गांधी पार्क से रैली निकालते हुए उत्तराखंड सचिवालय तक मार्च किया और वहां प्रदर्शन कर देश की राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित किया।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों, विशेषकर मोटर यान अधिनियम 2023 का विरोध जताया। वक्ताओं का कहना था कि नया अधिनियम परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए रोजगार संकट खड़ा करेगा और छोटे व्यवसायियों पर आर्थिक दबाव बढ़ाएगा। उन्होंने इस अधिनियम को वापस लेने की मांग की।
सभा को संबोधित करते हुए सीटू के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र सिंह नेगी, प्रांतीय सचिव लेखराज, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं इंटक के प्रांतीय अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट, एटक के प्रांतीय महामंत्री अशोक शर्मा सहित अन्य नेताओं ने श्रमिक हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार को श्रमिकों, आशा कार्यकत्रियों, आंगनवाड़ी सेविकाओं, बैंक कर्मचारियों, ऑटो चालकों और अन्य असंगठित क्षेत्र के कामगारों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
प्रदर्शन में आशा और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, भोजन माताओं, बैंक कर्मचारियों, ई-रिक्शा चालकों, चाय बागान के संविदा श्रमिकों, बिजली कर्मियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की।
लेखराज ने बताया कि देहरादून के साथ-साथ विकासनगर, मसूरी और ऋषिकेश में भी हड़ताल और प्रदर्शन आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मांगों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा यदि सरकार ने सकारात्मक पहल नहीं की।