हल्द्वानी, नैनीताल जिले में परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर उस समय हड़कंप मच गया, जब जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने हल्द्वानी स्थित आरटीओ कार्यालय में अचानक छापेमारी की। डीएम की अचानक मौजूदगी से न केवल विभागीय अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई, बल्कि कार्यालय परिसर में सक्रिय दलालों में भी भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और कई लोग मौके से फरार हो गए।
जिलाधिकारी ने आरटीओ कार्यालय के सभी अनुभागों का बारीकी से निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद कर्मचारियों से कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अनिवार्य रूप से नेम प्लेट और पहचान पत्र (आई-कार्ड) पहनकर ही कार्य करें, ताकि आम नागरिकों को सही जानकारी और सहयोग मिल सके।
डीएम ललित मोहन रयाल ने विभाग में लंबित मामलों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की पेंडेंसी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और अन्य सेवाएं तय समयसीमा में पूरी की जाएं। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि यदि कोई बाहरी व्यक्ति या दलाल लाइसेंस या वाहन से जुड़ा काम जल्द कराने के नाम पर हस्तक्षेप करता है, तो उसे तुरंत कार्यालय परिसर से बाहर किया जाए और उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने आरटीओ कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कैमरे और रिकॉर्डिंग सिस्टम दुरुस्त हालत में रहें, ताकि कार्यालय में होने वाली हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा सके।
जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और विभागीय कार्य पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संचालित हों। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही या भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान आरटीओ हल्द्वानी गुरदेव सिंह सहित परिवहन विभाग के कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। डीएम की इस कार्रवाई को परिवहन विभाग में सुधार और दलालों पर नकेल कसने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।