तम्बाकू से कैसे बनती है मानसिक-शारीरिक लत? सुद्धोवाला कार्यशाला में छात्राओं को मिला जवाब

देहरादून। युवा पीढ़ी को तम्बाकू के दुष्प्रभावों से बचाने और स्वस्थ समाज की दिशा में कदम बढ़ाने के उद्देश्य से शनिवार को **राजकीय महिला पॉलिटेक्निक, सुद्धोवाला** में तम्बाकू जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम **मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा** के निर्देशानुसार **राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम** के अंतर्गत आयोजित किया गया।

कार्यशाला में मनोवैज्ञानिक **डॉ. अनुराधा** ने छात्राओं को तम्बाकू सेवन से होने वाले गंभीर शारीरिक और मानसिक दुष्परिणामों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तम्बाकू न केवल कैंसर, हृदय रोग और श्वसन संबंधी बीमारियों का कारण बनता है, बल्कि यह मानसिक रूप से भी व्यक्ति को निर्भर बना देता है। साथ ही उन्होंने **कोटपा अधिनियम 2003** की विभिन्न धाराओं की विस्तार से जानकारी देते हुए तम्बाकू नियंत्रण से जुड़े कानूनी प्रावधानों को भी सरल भाषा में समझाया।

इस जागरूकता कार्यक्रम में कॉलेज की लगभग **70 छात्राओं एवं फैकल्टी सदस्यों** ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम से पूर्व छात्राओं के बीच **पोस्टर प्रतियोगिता** का आयोजन किया गया, जिसमें 35 छात्राओं ने तम्बाकू निषेध विषय पर रचनात्मक पोस्टर प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को जिला तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की ओर से **पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र** देकर सम्मानित किया गया।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एनएचएम) **डॉ. बिमलेश जोशी** ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को तम्बाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे इस लत से दूर रहकर स्वस्थ भविष्य का निर्माण कर सकें।

कार्यक्रम के दौरान संस्थान की **प्रधानाचार्य श्रीमती सरिता कटियार** ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्राओं को सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में कॉलेज फैकल्टी सदस्य **रोमी**, जिला तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ से **रेखा उनियाल एवं प्रवीन खत्री** सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

 

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