देहरादून। जिला स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी **डॉ. मनोज कुमार शर्मा** ने शनिवार को **कोरोनेशन जिला चिकित्सालय** और **गांधी शताब्दी चिकित्सालय** का औचक निरीक्षण किया। उनके साथ अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी **डॉ. कैलाश गुंज्याल** भी मौजूद रहे। निरीक्षण का उद्देश्य अस्पतालों में मरीजों को दी जा रही सुविधाओं, स्वच्छता और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था।
कोरोनेशन जिला चिकित्सालय में निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने **आपातकालीन चिकित्सा कक्ष** का विशेष रूप से जायजा लिया। उन्होंने इमरजेंसी प्रभारी को निर्देश दिए कि हर समय कम से कम **10 स्टिचिंग सेट** उपलब्ध रहें और ड्रेसिंग से जुड़ी सभी सामग्री ऑटोक्लेव की हुई एवं सुव्यवस्थित हो। इसके बाद उन्होंने **आईपीडी वार्डों** का निरीक्षण कर भर्ती मरीजों से बातचीत की और उपचार व सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया। सीएमओ ने निर्देश दिए कि प्रत्येक वार्ड के बाहर मरीजों के भोजन का **मेन्यू स्पष्ट रूप से चस्पा** किया जाए तथा आईपीडी सेवाओं को और बेहतर बनाया जाए।
निरीक्षण के दौरान **पोस्टमार्टम हाउस** में भी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को **मेडली-पीआर पोर्टल** पर समयबद्ध दर्ज करने के लिए एक **डाटा एंट्री ऑपरेटर** की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा अस्पताल परिसर में स्थित **एलीवेटेड कार पार्किंग**, व्हीलचेयर, स्ट्रेचर और रेडियोलॉजी विभाग की सेवाएं संतोषजनक पाई गईं।
वहीं **गांधी शताब्दी चिकित्सालय** में निरीक्षण के दौरान पेयजल आरओ में तकनीकी खराबी पाई गई, जिसे मौके पर ही ठीक कराया गया। निरीक्षण में मॉडल टीकाकरण केंद्र, **एसएनसीयू** और वार्डों की व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित मिलीं। हालांकि बेसमेंट में सीवर ओवरफ्लो के कारण पानी जमा होने की समस्या सामने आई। इस पर संबंधित अधिकारियों ने बताया कि ड्रेनेज सिस्टम की मरम्मत हेतु पहले ही बजट की मांग की जा चुकी है।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक **डॉ. मनु जैन**, डॉ. यतेन्द्र सिंह, डॉ. निखिल, डॉ. प्रवीण पंवार, डॉ. आलोक जैन, डॉ. प्रियंका सहित अन्य चिकित्सक व कर्मचारी उपस्थित रहे।