आईआईटी आईएसएम धनबाद में बोकारो के युवाओं का कमाल, मिला ‘मोस्ट इनोवेटिव आइडिया’ अवॉर्ड

बोकारो। डालमिया भारत लिमिटेड की कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) इकाई डालमिया भारत फाउंडेशन (डीबीएफ) की स्किल डेवलपमेंट पहल दीक्षा बोकारो ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। नेशनल स्टार्टअप डे के अवसर पर आईआईटी आईएसएम धनबाद में आयोजित कार्यक्रम में दीक्षा बोकारो के छात्रों को ‘मोस्ट इनोवेटिव आइडिया’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान बेकार और जले हुए इंजन ऑयल का उपयोग कर विकसित किए गए एक अनोखे **यूज़्ड इंजन ऑयल से चलने वाले चूल्हे** के लिए प्रदान किया गया, जो ऊर्जा के टिकाऊ और किफायती विकल्प के रूप में सामने आया है।

 

पुरस्कार समारोह में धनबाद के उपायुक्त श्री आदित्य रंजन, जाने-माने उद्यमी, झारखंड उद्यमी संघ तथा अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर (एसीआईसी) के प्रतिनिधियों सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस नवाचार को पर्यावरण संरक्षण और व्यावहारिक उपयोगिता के लिहाज से बेहद अहम बताया गया।

 

उल्लेखनीय है कि दीक्षा बोकारो की शुरुआत वर्ष 2023 में एसएआईएल के सहयोग से की गई थी। यहां पांच अलग-अलग ट्रेड्स में स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण दिया जाता है। स्थापना के बाद से अब तक यह केंद्र 1,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित कर चुका है और 75 प्रतिशत से अधिक का सेटलमेंट रेट हासिल कर चुका है, जो इसकी प्रभावशीलता को दर्शाता है।

 

इस नवाचार को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में उस समय तेजी आई, जब एमएसएमई चेयरमैन श्री शशि भूषण श्रीवास्तव ने दीक्षा बोकारो का दौरा किया और प्रशिक्षुओं के कार्यों को सोशल मीडिया पर साझा किया। इसके बाद आईआईटी आईएसएम धनबाद का ध्यान इस पहल की ओर गया। इसी कड़ी में 15 दिसंबर 2025 को दीक्षा बोकारो में एक **नेशनल इंडस्ट्रियल एग्ज़ीबिशन-कम-सेमिनार** का आयोजन किया गया।

 

ऑनलाइन प्री-इवैल्यूएशन के बाद राष्ट्रीय स्तर पर हुए कड़े मूल्यांकन में इस प्रोजेक्ट का चयन हुआ। पुरस्कार विजेता इस प्रोजेक्ट को प्रशिक्षु **समीर बहादुर, विशाल कुमार और साहिल कुमार** ने प्रशिक्षक **श्री रामानुज शर्मा** के तकनीकी मार्गदर्शन में विकसित किया। इस उपलब्धि के लिए दीक्षा बोकारो को प्रशस्ति पत्र के साथ **35,000 रुपये की नकद राशि** भी प्रदान की गई।

 

इस अवसर पर डीसीबीएल बोकारो के यूनिट हेड **श्री सुनील कुमार के. भुसारी** ने कहा कि यह डालमिया भारत के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने बताया कि दीक्षा के छात्र न केवल कौशल सीख रहे हैं, बल्कि नवाचार, समस्या समाधान और उद्यमिता की सोच को भी साकार कर रहे हैं। यह सफलता ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.