देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा चलाए जा रहे *“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”* अभियान ने जनसेवा का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सरकार की नीति और प्रशासन की सक्रिय कार्यप्रणाली के चलते राज्यभर में आयोजित विशेष कैम्पों को जनता का अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, केवल आज आयोजित 10 विशेष कैम्पों में 12,510 लोगों ने सहभागिता की और विभिन्न सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त किया। वहीं, अभियान की शुरुआत से अब तक प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में कुल 484 कैम्पों का आयोजन किया जा चुका है, जिनके माध्यम से 3 लाख 89 हजार 868 से अधिक नागरिकों को लाभान्वित किया गया है।
इन कैम्पों के जरिए आम जनता को राजस्व, सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य, प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान योजना सहित कई महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे न केवल लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली है, बल्कि समयबद्ध और पारदर्शी सेवा वितरण भी सुनिश्चित हुआ है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि *“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”* के माध्यम से शासन को जनता के करीब लाया गया है। ये कैम्प शासन और नागरिकों के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य कर रहे हैं, जिससे विश्वास और सहभागिता दोनों बढ़ी हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैम्पों में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
जनता की बढ़ती भागीदारी यह स्पष्ट करती है कि राज्य सरकार की जनहितकारी नीतियों पर लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है। आने वाले समय में भी ऐसे कैम्पों के माध्यम से प्रशासन को और अधिक सक्रिय व संवेदनशील बनाने की दिशा में कार्य जारी रहेगा।