ऋषिकेश।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के ऋषिकेश स्थित कॉरपोरेट कार्यालय में बुधवार को 31वीं अंतर केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम (आईसीपीएसयू) शतरंज प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 28 जनवरी से 31 जनवरी, 2026 तक आयोजित की जा रही है, जिसका आयोजन पावर स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड (पीएससीबी), विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में किया गया है।
उद्घाटन अवसर पर टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सिपन कुमार गर्ग ने कहा कि पीएससीबी के अंतर्गत आयोजित खेल प्रतियोगिताएं विद्युत क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों में शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, अनुशासन, रणनीतिक सोच और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को प्रोत्साहित करती हैं। उन्होंने कहा कि टीएचडीसी कर्मचारियों के समग्र विकास और विभिन्न उपक्रमों के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करने के लिए खेल एवं कल्याणकारी गतिविधियों को लगातार बढ़ावा देता रहेगा।
प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) कुमार शरद द्वारा पीएससीबी का ध्वज फहराकर किया गया। इस अवसर पर प्रतिभागी टीमों द्वारा मार्च पास्ट और खिलाड़ियों द्वारा शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसने समारोह को अनुशासन और खेल भावना से ओतप्रोत बना दिया।
कुमार शरद ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि यह प्रतियोगिता उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक होने के साथ-साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण भी प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि खेल न केवल मानसिक संतुलन विकसित करते हैं, बल्कि व्यावसायिक जीवन में भी अनुशासन और टीम भावना को मजबूत करते हैं।
विद्युत क्षेत्र के विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों से आए खिलाड़ियों का स्वागत टीएचडीसी के मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन एवं प्रशासन) डॉ. ए. एन. त्रिपाठी ने किया। उद्घाटन समारोह को सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने और भी आकर्षक बना दिया।
इस शतरंज प्रतियोगिता में पुरुष एवं महिला वर्ग की कुल 11 संस्थाओं की टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें विद्युत मंत्रालय, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए), बीबीएमबी, डीवीसी, ग्रिड इंडिया, एनएचपीसी, पीएफसी, पावरग्रिड, आरईसी, एसजेवीएनएल और टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड शामिल हैं। प्रतियोगिता का संचालन तीन अनुभवी निर्णायकों की निगरानी में किया जा रहा है, जिससे निष्पक्षता और नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जा सके।