देहरादून।
निजी कॉलेज एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एन.के. जोशी और कुलसचिव डॉ. दिनेश चंद्र के साथ कॉलेजों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक वार्ता की। बैठक कुलपति कार्यालय में आयोजित हुई, जिसमें विश्वविद्यालय से संबद्ध निजी कॉलेजों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।
बैठक की जानकारी देते हुए निजी कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया कि 22 जनवरी को एसोसिएशन की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि विश्वविद्यालय से संबद्ध समस्याओं को लेकर सीधे विश्वविद्यालय प्रशासन से संवाद किया जाएगा। इसी क्रम में आज यह प्रतिनिधिमंडल विश्वविद्यालय प्रशासन से मिला।
प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न कॉलेजों को पूर्व सत्रों के संबद्धता विस्तारण शुल्क के अवशेष संबंधी पत्र भेजे जाने पर आपत्ति जताई। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि संबद्धता शुल्क जमा करने के बाद ही विश्वविद्यालय की निरीक्षण टीम द्वारा कॉलेजों का निरीक्षण किया गया और उसी आधार पर छात्रों की परीक्षाएं भी करवाई गईं। ऐसे में अब अवशेष शुल्क की मांग का कोई औचित्य नहीं बनता।
इस पर कुलपति डॉ. एन.के. जोशी ने बताया कि यह अवशेष राशि महालेखाकार के ऑडिट के दौरान सामने आई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विषय में शासन को प्रत्यावेदन भेजकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी अवगत कराया कि कई कॉलेजों का विश्वविद्यालय द्वारा निरीक्षण किए जाने के बावजूद वर्षों से संबद्धता विस्तारण के पत्र जारी नहीं किए गए हैं। इसके चलते कॉलेज नैक (NAAC) एक्रेडिटेशन के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं और छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। कुलपति ने आश्वस्त किया कि पूर्व वर्षों की संबद्धता विस्तारण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाएगी।
बैठक में यह मांग भी रखी गई कि पांच वर्ष पुराने कॉलेजों को स्थायी संबद्धता दी जाए और अन्य कॉलेजों को हर वर्ष के बजाय पाठ्यक्रम की अवधि के अनुसार संबद्धता प्रदान की जाए। इस पर कुलपति ने शासनादेश के अनुरूप नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
इसके अतिरिक्त नई शिक्षा नीति (एनईपी) और यूजीसी नियमों के तहत वर्ष में दो बार प्रवेश की व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव भी रखा गया, जिसे कार्यकारी परिषद में प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया गया।