धूप से मिली राहत, लेकिन खतरा बरकरार—हिमाचल में फिर मौसम बिगड़ने की चेतावनी

शिमला,  हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी का दौर थमने के बाद रविवार को मौसम साफ हुआ और शिमला समेत कई क्षेत्रों में धूप खिली। इससे लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन राज्य में जनजीवन अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। पर्वतीय इलाकों में जमी बर्फ के कारण यातायात, बिजली और पेयजल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित बनी हुई है।

प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती **1,000 से अधिक बंद सड़कों को बहाल करना** है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत प्रदेशभर में 1,000 से ज्यादा सड़कें अभी भी बंद हैं। सबसे ज्यादा असर शिमला जिले में देखने को मिल रहा है, जहां 505 सड़कें अवरुद्ध हैं। इसके अलावा लाहौल-स्पीति में 290, चंबा में 132, मंडी में 126, कुल्लू में 79 और सिरमौर में 29 सड़कें बंद पड़ी हैं।

लाहौल-स्पीति में राष्ट्रीय राजमार्गों के ठप होने से आवाजाही पूरी तरह बाधित है। वहीं ऊपरी शिमला के रोहड़ू, चौपाल, जुब्बल और कोटखाई क्षेत्रों का संपर्क तीसरे दिन भी जिला मुख्यालय से कटा हुआ है। इन इलाकों के लिए बस सेवाएं अब तक बहाल नहीं हो सकी हैं।

बर्फबारी का असर **बिजली आपूर्ति** पर भी पड़ा है। प्रदेश में कुल 5,775 ट्रांसफॉर्मर ठप हैं। सिरमौर जिले में सबसे ज्यादा 3,315 ट्रांसफॉर्मर खराब हैं। इसके अलावा चंबा, मंडी, सोलन, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में भी सैकड़ों ट्रांसफॉर्मर बंद हैं। वहीं 126 पेयजल योजनाएं प्रभावित होने से कई इलाकों में पानी की किल्लत बनी हुई है।

लोक निर्माण विभाग ने सड़क बहाली के लिए 385 मशीनों को मैदान में उतारा है। विभाग का दावा है कि अगले दो दिनों में अधिकांश सड़कों को खोल दिया जाएगा। हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि राहत अस्थायी हो सकती है। 26 जनवरी से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के आसार हैं। 27 जनवरी को भारी बारिश-बर्फबारी और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इस बीच बर्फबारी के बाद शिमला, मनाली और डलहौजी जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ गई है और शिमला में होटलों की ऑक्यूपेंसी 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

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