देहरादून। राज्य की बहुप्रतीक्षित जमरानी और सौंग बांध परियोजनाओं को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को सचिवालय में मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सिंचाई विभाग द्वारा निर्माणाधीन इन दोनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं की गहन समीक्षा की और कार्यों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्य सचिव ने जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना और सौंग बांध पेयजल परियोजना पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निविदा प्रक्रियाएं और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी की जाएं। उन्होंने परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एक स्पष्ट और चरणबद्ध फ्लो-चार्ट तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक कार्य तय समय में पूरा हो सके।
आनन्द बर्द्धन ने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने आवश्यक निर्माण सामग्री की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया और कहा कि गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। इसके लिए फर्स्ट पार्टी, सेकंड पार्टी और थर्ड पार्टी के माध्यम से नियमित गुणवत्ता नियंत्रण और मूल्यांकन कराए जाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास कार्यों को भी गंभीरता से लेते हुए कहा कि मुआवजा, पुनर्वास और भूमि आबंटन की प्रक्रिया को पारदर्शिता, संवेदनशीलता और आपसी विश्वास के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने प्रभावितों से निरंतर संवाद बनाए रखने और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में सचिव सिंचाई श्री युगल किशोर पंत ने बताया कि जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना की कुल लागत ₹3678.23 करोड़ है और इसे जून 2029 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। वहीं सौंग बांध परियोजना 130.60 मीटर ऊंची गुरुत्व आधारित पेयजल योजना है, जिसकी क्षमता 150 एमएलडी है और कुल लागत ₹2524.42 करोड़ है। इसका निर्माण कार्य नवंबर 2029 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है।
बैठक में विभागाध्यक्ष सिंचाई श्री सुभाष चंद्र सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।