विश्व प्रसिद्ध गंगासागर मेले के शुभारंभ से ठीक पहले मेला क्षेत्र में एक बड़ी आगजनी की घटना सामने आई है। कपालमुनि मंदिर के समीप नंबर-दो सड़क के किनारे बनाए गए कई अस्थायी शिविरों में शुक्रवार को अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि होगला और बांस से बनी झोपड़ियां देखते ही देखते धू-धू कर जलने लगीं और कुछ ही देर में कई शिविर पूरी तरह खाक हो गए।
प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ये अस्थायी शिविर विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा बनाए गए थे। इनमें सरकारी अधिकारियों, सूचना एवं संस्कृति विभाग के कर्मियों और पत्रकारों के ठहरने की व्यवस्था की जानी थी। आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। दमकल विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, मेला प्रशासन ने भी घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आग के कारणों की जांच के लिए एक समिति गठित की जाएगी।
गौरतलब है कि गंगासागर मेले में पुण्यार्थियों का आगमन रविवार से शुरू हो जाएगा। अनुमान है कि अगले एक सप्ताह में करीब 40 से 50 लाख श्रद्धालु यहां पहुंच सकते हैं। ऐसे में यह घटना प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी मानी जा रही है।