विशाखापट्टनम में ऊर्जा क्षेत्र को मिली नई ताकत, पीएम मोदी ने की बड़ी परियोजना की सराहना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की विशाख रिफाइनरी में स्थापित अवशेष उन्नयन सुविधा के सफल कमीशनिंग की सराहना की है। प्रधानमंत्री ने इस परियोजना को देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा की गई जानकारी को रीपोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह अत्याधुनिक सुविधा भारत के ऊर्जा क्षेत्र को नई गति देगी और आयात पर निर्भरता कम करने में मददगार साबित होगी।

उल्लेखनीय है कि यह अवशेष उन्नयन सुविधा विशाख रिफाइनरी के आधुनिकीकरण परियोजना का अहम हिस्सा है। इसकी वार्षिक क्षमता 3.55 मिलियन टन है और इसमें दुनिया की सबसे बड़ी एलसी-मैक्स तकनीक का उपयोग किया गया है। यह तकनीक रिफाइनरी में बचने वाले भारी अवशेष तेल को लगभग 93 प्रतिशत तक उच्च गुणवत्ता वाले पेट्रोल और डीजल जैसे उत्पादों में परिवर्तित कर सकती है।

इस परियोजना की खास बात यह भी है कि इसके तीन भारी रिएक्टर पूरी तरह से भारत में ही निर्मित किए गए हैं, जो स्वदेशी तकनीक और इंजीनियरिंग क्षमता को दर्शाते हैं। इससे रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता, लाभ और भारी कच्चे तेल के प्रसंस्करण की दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

 

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