रातों-रात सफर का नया युग: पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में क्या-क्या है खास?

देश ने पहली बार वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की झलक देखी है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह ट्रेन शनिवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसका निरीक्षण किया। पश्चिम बंगाल के हावड़ा (कोलकाता) और असम के गुवाहाटी के बीच चलने वाली इस ट्रेन का उद्घाटन इसी माह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही भारत में ओवरनाइट रेल यात्रा के अनुभव में एक ऐतिहासिक बदलाव आने वाला है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को बताया कि 16 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की कुल यात्री क्षमता 823 है और इसकी डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। ट्रेन का निरीक्षण पूरा हो चुका है और इसे रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) से प्रमाणन भी मिल गया है। उन्होंने बताया कि गुवाहाटी–कोलकाता मार्ग के लिए दो रैक दिए जा रहे हैं और आने वाले कुछ ही दिनों में इसे यात्रियों के लिए शुरू कर दिया जाएगा।

रेल मंत्री ने कहा कि यह ट्रेन पूरी तरह नई डिजाइन के साथ तैयार की गई है। 1970 के दशक में शुरू हुई राजधानी एक्सप्रेस के बाद यह पहली ऐसी ट्रेन है, जो रातभर की यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदल देगी। ट्रेन के कोच डिजाइन, प्रोपल्शन सिस्टम और ड्राइवर के केबिन को नए सिरे से एर्गोनॉमिक तरीके से विकसित किया गया है। कोचों के बीच नए सेमी-ऑटोमैटिक कपलर लगाए गए हैं, जिससे यात्रा के दौरान झटके कम महसूस होंगे और सफर अधिक आरामदायक बनेगा।

यात्रियों की सुविधा और समावेशन को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में ब्रेल लिपि का व्यापक उपयोग किया गया है। सीट नंबर तक ब्रेल में लिखे गए हैं। ऊपर की बर्थ पर चढ़ने के लिए एर्गोनॉमिक सीढ़ियां और पकड़ के लिए विशेष सपोर्ट दिया गया है। रेल मंत्री ने स्वयं सीढ़ियों पर चढ़कर ऊपर की बर्थ पर बैठकर इसकी सुविधा का अनुभव किया और इसे यात्रियों के लिए सुरक्षित व आरामदायक बताया।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों के आराम का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक बर्थ पर रीडिंग लाइट, हैंगर, मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग प्वाइंट, मोबाइल होल्डर और मैगजीन होल्डर जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। चाय-नाश्ता रखने वाली ट्रे को स्थिर रखने के लिए विशेष डिजाइन फीचर जोड़े गए हैं। खिड़कियों के शेड इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि यात्री अपनी जरूरत के अनुसार रोशनी और धूप को नियंत्रित कर सकें।

स्वच्छता और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए ट्रेन में आधुनिक डिसइन्फेक्टेंट तकनीक लगाई गई है, जो हवा में मौजूद 99.99 प्रतिशत वायरस और बैक्टीरिया को नष्ट करने में सक्षम है। यह सुविधा पहले से वंदे भारत चेयरकार ट्रेनों में उपलब्ध है और अब स्लीपर संस्करण में भी शामिल की गई है।

सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। इसमें सीसीटीवी कैमरे, ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम ‘कवच’, उन्नत इलेक्ट्रिक ब्रेकिंग सिस्टम, अग्नि सुरक्षा उपकरण और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम लगाए गए हैं। बेहतर सस्पेंशन और शोर कम करने वाली तकनीक से लंबी दूरी की यात्रा को अधिक आरामदायक बनाया गया है। खास बात यह है कि एसी फर्स्ट क्लास कोच में गर्म पानी के साथ शॉवर की सुविधा भी दी गई है, जो भारतीय रेल में एक नया अनुभव होगा।

रेल मंत्री ने बताया कि ट्रेन में भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ बेडशीट और कंबल की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। कंबल, चादर और तकियों की तकनीक आधारित धुलाई और सफाई की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुरूप इस ट्रेन का किराया ऐसा रखा गया है कि मध्यम वर्ग और कम आय वाले परिवार भी विश्वस्तरीय सुविधा का लाभ उठा सकें।

ट्रेन दोनों दिशाओं में शाम के समय चलेगी और अगले दिन तड़के गंतव्य स्थान पर पहुंचेगी, जिससे यात्रियों को आरामदायक ओवरनाइट यात्रा का अनुभव मिलेगा। इस 16 कोच वाली ट्रेन में 11 कोच एसी-3, चार कोच एसी-2 और एक कोच एसी-1 का होगा। एक एसी-3 कोच में 55 या 67, एसी-2 में 44 या 48 और एसी-1 में 24 यात्रियों की क्षमता होगी। दोनों छोरों पर ड्राइवर कैब वाले कोचों में एसी-3 डिजाइन के अनुसार 28-28 बर्थ दी गई हैं।

खानपान को स्थानीय स्वाद से जोड़ते हुए रेल मंत्री ने बताया कि गुवाहाटी से चलने वाली ट्रेन में असमिया भोजन और कोलकाता (हावड़ा) से चलने वाली ट्रेन में बंगाली भोजन परोसा जाएगा। इसके लिए नए स्थानीय वेंडरों को अनुबंधित किया जाएगा।

किराए की बात करें तो कोलकाता और गुवाहाटी के बीच एसी-3 का किराया लगभग 2300 रुपये (भोजन सहित), एसी-2 का करीब 3000 रुपये और एसी-1 का लगभग 3600 रुपये निर्धारित किया गया है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया स्थिर रहेगा और इसके लिए नया किराया फार्मूला तय किया गया है, जिसमें एसी-3 के लिए 2.40 रुपये प्रति किलोमीटर, एसी-2 के लिए 3.10 रुपये और एसी-1 के लिए 3.80 रुपये प्रति किलोमीटर दर रखी गई है।

 

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