अमेरिका का सख्त कदम: एफ-35 विमानों और 6,000 सैनिकों के साथ ड्रग माफिया पर शिकंजा!

संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने लैटिन अमेरिका में ड्रग कार्टेल और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कदम उठाया है। शुक्रवार को रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इस क्षेत्र में सैन्य अभियान का विस्तार करने की घोषणा की। इसके तहत विमानवाहक पोत यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड और उससे जुड़े युद्धपोतों को जल्द ही लैटिन अमेरिका भेजा जाएगा।

द वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने बताया कि यह कदम न केवल मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए है, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय ड्रग सिंडिकेट्स और आपराधिक समूहों को खत्म करने की दिशा में भी है। यह अभियान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ड्रग कार्टेल विरोधी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

रक्षा अधिकारियों के अनुसार, प्यूर्टो रिको में एफ-35 लड़ाकू विमानों की तैनाती के साथ कैरेबियन सागर में आठ युद्धपोतों पर 6,000 से अधिक सैनिक मौजूद रहेंगे। वहीं,फोर्ड कैरियर स्ट्राइक ग्रुप लगभग 4,500 नाविकों के साथ यूरोप से इस क्षेत्र में पहुंच रहा है।

पेंटागन ने हाल ही में लेफ्टिनेंट जनरल कैल्वर्ट वर्थ की कमान में एक नया संयुक्त कार्य बल भी सक्रिय किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सितंबर से अब तक 10 नाव हमलों में 43 लोगों की मौत हुई है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अब ड्रग तस्करों पर जमीन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

 

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