रुड़की। बीटीगंज रामलीला समिति इस वर्ष अपना ऐतिहासिक 106वां भव्य रामलीला महोत्सव आयोजित करने जा रही है। इस बार महोत्सव की थीम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रखी गई है, जिसके अंतर्गत पूरे आयोजन में सेना को समर्पित विशेष कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
समिति के पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता में जानकारी दी कि महोत्सव की शुरुआत 18 सितंबर को मां काली की शोभायात्रा के साथ होगी। वहीं, 19 सितंबर को विधिवत उद्घाटन किया जाएगा। इस अवसर पर पचास से अधिक यजमान शामिल होंगे और ग्यारह ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना की जाएगी। उद्घाटन समारोह आपदा पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित कर प्रारंभ होगा।
महोत्सव के दौरान 23 सितंबर को भव्य राम बारात शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें दर्जनों झांकियां और बैंड शामिल होंगे। खास बात यह रहेगी कि बारात में भी ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी विशेष झांकी प्रस्तुत की जाएगी, जो देशभक्ति की भावना को और प्रबल करेगी।
वहीं, 2 अक्टूबर को दशहरा पर्व नेहरू स्टेडियम में धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर रावण का 70 फीट ऊंचा पुतला तथा मेघनाथ और कुंभकरण के 60 फीट ऊंचे पुतले जलाए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। नगर के बच्चे रंग-बिरंगी रोशनी के बीच अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे, जो आकर्षण का केंद्र रहेगा।
समिति के अध्यक्ष और महामंत्री ने कहा कि रामलीला सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म का जीवंत प्रतीक है। ये महोत्सव नई पीढ़ी को हमारी परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने का कार्य करता है।
इस अवसर पर समिति के महामंत्री सौरभ सिंघल, प्रदीप परुथी, शशिकांत अग्रवाल, विशाल गुप्ता, दीपक शुक्ला, कोषाध्यक्ष नवनीत गर्ग, अभिषेक मित्तल, अमन अग्रवाल, निखिल तायल, तुषार गोयल, शेखर सिंघल, अनिकेत गर्ग, आशीष अग्रवाल, गौरव मेहंदीरत्ता और हिमांशु शर्मा सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।