बदरीनाथ धाम। वराह जयंती के पावन अवसर पर श्री बदरीनाथ धाम में देर रात भगवान नारायण के तीसरे अवतार भगवान वराह की विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। श्रद्धा और भक्ति से ओत-प्रोत वातावरण में की गई इस पूजा में धाम के पुजारियों और अधिकारियों के साथ भक्तगण भी शामिल रहे।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि बदरीनाथ धाम के रावल अमरनाथ नंबूदरी ने सोमवार देर रात्रि अलकनंदा नदी तट पर स्थित पवित्र वराह शिला और मां अलकनंदा गंगा का विधि-विधानपूर्वक पूजन किया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच आरती सम्पन्न की गई और उपस्थित सभी जनों के सुख-समृद्धि की कामना की गई।
भगवान वराह जयंती का विशेष महत्व है। मान्यता है कि भगवान विष्णु ने वराह अवतार लेकर पृथ्वी का उद्धार किया था। इसी स्मृति में प्रत्येक वर्ष बदरीनाथ धाम में श्रद्धा और आस्था के साथ वराह जयंती मनाई जाती है। देर रात तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
इस अवसर पर मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, पूजा प्रभारी केदार सिंह रावत, अमित बंदोलिया, रघुवीर पुंडीर, राजदीप सनवाल, विकास सनवाल, दर्शन कोटवाल और योगेश्वर पुरोहित सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
धाम में आयोजित इस विशेष पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान वराह की स्तुति करते हुए जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। बदरीनाथ धाम की पवित्र वादियों में गूंजे वैदिक मंत्रों ने वातावरण को और अधिक पवित्र बना दिया।