चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में शनिवार सुबह हलचल मच गई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री आई. पेरियासामी के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। यह छापेमारी धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है। ईडी की टीम ने मंत्री के चेन्नई और डिंडीगुल स्थित आवासों पर एक साथ कार्रवाई की।
सूत्रों के मुताबिक, चेन्नई के ग्रीन लेन स्थित मंत्री पेरियासामी के आवास पर जब ईडी की टीम पहुंची तो सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात गार्डों ने अधिकारियों को अंदर जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इससे कुछ समय के लिए वहां अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति बन गई। बाद में उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद टीम घर के भीतर दाखिल हुई और तलाशी की प्रक्रिया शुरू की।
गौरतलब है कि आई. पेरियासामी पर पिछली डीएमके सरकार के कार्यकाल में भी आरोप लग चुके हैं। उन पर एक अधिकारी को आवास आवंटन में अनियमितता बरतने का मामला दर्ज हुआ था। हाल ही में इस मामले की फिर से सुनवाई शुरू हुई है। माना जा रहा है कि उसी सिलसिले में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच को लेकर कार्रवाई की है।
मंत्री के घर पर ईडी की छापेमारी की खबर फैलते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। विपक्ष ने इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच के लिए जरूरी बताया है, वहीं सत्तारूढ़ पार्टी के समर्थकों का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है।
छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारियों ने मंत्री के ठिकानों से दस्तावेज और कुछ डिजिटल उपकरण जब्त किए जाने की भी खबर है। हालांकि, अब तक आधिकारिक तौर पर इस बारे में कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
राज्य की राजनीति में यह छापेमारी बड़ा मुद्दा बन सकती है क्योंकि हाल ही में केंद्र और राज्य सरकार के बीच संबंधों में तनाव बढ़ा है। ऐसे में इस कार्रवाई को लेकर आने वाले दिनों में सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।