हुगली। भारत की नामचीन तैराक और अर्जुन पुरस्कार विजेता बुला चौधरी के पैतृक आवास से उनका सबसे बड़ा सम्मान पद्मश्री पुरस्कार सहित कई पदक और ट्रॉफियां चोरी हो गईं। इस घटना ने खेल जगत को झकझोर दिया है और खुद बुला चौधरी गहरे सदमे में हैं।
जानकारी के अनुसार, बुला चौधरी वर्तमान में दक्षिण कोलकाता के कस्बा में रहती हैं, जबकि उनके तैराकी करियर के दौरान जीते गए सभी पुरस्कार और ट्रॉफियां हुगली ज़िले के हिंद-मोटर स्थित उनके पैतृक आवास पर प्रदर्शित थे। वे नियमित रूप से वहां जाकर अपने पुरस्कारों की देखभाल करती थीं। लेकिन शुक्रवार को जब वह पहुंचीं, तो उन्होंने पाया कि उनकी पद्मश्री शील्ड और कई पदक गायब हैं।
उनके भाई मिलन चौधरी ने बताया कि इससे पहले भी तीन बार इस घर में चोरी या डकैती की कोशिश हो चुकी थी। हर बार पुलिस में शिकायत दर्ज की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कुछ समय के लिए घर के बाहर पुलिस चौकी भी लगाई गई थी, जिसे बाद में हटा दिया गया।
चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट के उपायुक्त (श्रीरामपुर) अर्नब बिस्वास ने पुष्टि की है कि कुल 10 पदक और शील्ड चोरी हुए हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में ऐसा लगा जैसे चोरों ने यह सोचकर चोरी की कि सभी ट्रॉफियां सोने से बनी हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।
चोरी की खबर मिलते ही बुला चौधरी तुरंत कोलकाता से अपने पैतृक घर पहुंचीं। घर की हालत देखकर वे फूट-फूटकर रो पड़ीं और पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि इतने प्रतिष्ठित पुरस्कारों को सुरक्षित रखने के लिए कोई उचित इंतज़ाम नहीं किया गया।
उन्होंने सवाल उठाया, “मैंने कड़ी मेहनत और संघर्ष से ये पदक जीते थे, लेकिन आज उनमें से ज्यादातर चोरी हो गए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पूछना चाहती हूं कि पुलिस इसे रोकने में नाकाम क्यों रही?”
इस चोरी ने न केवल बुला चौधरी को गहरी चोट पहुंचाई है, बल्कि पूरे खेल जगत में आक्रोश और निराशा का माहौल बना दिया है।