हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर मार्ग पर भगदड़, 6 श्रद्धालुओं की मौत, 25 से अधिक घायल – राहत एवं बचाव कार्य जारी
हरिद्वार। सावन के पावन अवसर पर हरिद्वार में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मनसा देवी मंदिर मार्ग पर अचानक भगदड़ की स्थिति बन गई। हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 25 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
सुबह साढ़े 9 बजे हुआ हादसा
गढ़वाल मंडल के आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने जानकारी दी कि यह हादसा रविवार सुबह लगभग 9:30 बजे हुआ। प्राथमिक जांच के अनुसार मनसा देवी मंदिर मार्ग पर अचानक बिजली का एक हाई वोल्टेज तार गिरने से भगदड़ मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ने लगे, जिससे कुछ श्रद्धालु नीचे गिर पड़े और कुचलने से उनकी मौत हो गई। इस घटना में 12 गंभीर घायलों को राजकीय जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य का इलाज चल रहा है।
एसडीआरएफ और प्रशासन मौके पर मौजूद
हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की तीन टीमें, स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। घटनास्थल को घेर कर भीड़ को नियंत्रित किया गया है और सीढ़ी मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जताया शोक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्यों में लगी हैं। “हम लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं,” मुख्यमंत्री ने कहा। उन्होंने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।
वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद
घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की। बाद में उन्होंने जिला अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल भी जाना और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
श्रद्धालुओं में दहशत का माहौल
इस हादसे के बाद श्रद्धालुओं में भय और चिंता का माहौल है। सावन के महीने में बड़ी संख्या में भक्त मनसा देवी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सुरक्षा प्रबंधों की कमी इस हादसे का कारण बनी। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
(यह एक विकसित होती खबर है, अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है)