40 लाख की लागत से आमडंडा क्षेत्र में लगा स्वचलित नंबर प्लेट पहचान कैमरा, अगले सप्ताह से शुरू होगी चालान प्रक्रिया
हल्द्वानी। पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क हादसों पर रोक लगाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग ने रामनगर के आमडंडा क्षेत्र में ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरा स्थापित कर दिया है। यह कैमरा नियम तोड़ने वालों की पहचान कर स्वचालित रूप से चालान जारी करेगा, जो वाहन मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा।
रोजाना सैकड़ों वाहन जाते हैं पहाड़ों की ओर
रामनगर से रोजाना सैकड़ों वाहन नैनीताल, रानीखेत, अल्मोड़ा जैसे पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाते हैं। इनमें से कई चालक बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट या ओवरस्पीडिंग जैसे नियमों की अनदेखी करते हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए आमडंडा क्षेत्र को निगरानी के लिए चुना गया है।
निर्देशालय की टीम ने किया कैमरे का इंस्टॉलेशन
एआरटीओ संदीप वर्मा ने बताया कि रामनगर के आमडंडा क्षेत्र में कैमरा लगाने का प्रस्ताव देहरादून निदेशालय को भेजा गया था। इसके बाद आई तकनीकी टीम ने वहां 40 लाख रुपये की लागत से कैमरा इंस्टॉल कर दिया है। यह हाई-टेक कैमरा अब पूरे इलाके में वाहनों पर नजर रखेगा।
कौन-कौन से नियमों का होगा ऑटोमैटिक चालान?
ANPR कैमरा द्वारा निम्नलिखित यातायात उल्लंघनों पर स्वतः चालान जारी किए जाएंगे:
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बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना
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बिना सीट बेल्ट कार चलाना
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ओवरस्पीडिंग या तेज रफ्तार में गाड़ी चलाना
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गलत दिशा में ड्राइविंग
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अवैध पार्किंग (यदि कैमरा मल्टी-फंक्शनल है)
कैसे काम करता है ANPR कैमरा?
ANPR कैमरा वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन करता है और उसे यातायात विभाग के डेटाबेस से जोड़कर जांचता है कि क्या कोई नियम उल्लंघन हुआ है। यदि कोई उल्लंघन पाया जाता है, तो चालान स्वचालित रूप से जनरेट होकर वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाता है।
यातायात सुधार की दिशा में बड़ी पहल
यह कैमरा न केवल चालान के लिए बल्कि दुर्घटनाओं की रोकथाम, निगरानी और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे यातायात व्यवस्था को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।