भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की ईडी द्वारा गिरफ्तारी, शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
रायपुर, 18 जुलाई — प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी राज्य में कथित शराब घोटाले से जुड़े आर्थिक अनियमितताओं की जांच के तहत की गई है। ईडी के अधिकारियों ने भिलाई स्थित उनके आवास पर छापेमारी के बाद चैतन्य को हिरासत में लिया।
ईडी अधिकारियों के अनुसार, चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के अंतर्गत हुई है। अधिकारियों का दावा है कि उन्हें जांच के दौरान ऐसे नए साक्ष्य मिले हैं, जो यह दर्शाते हैं कि चैतन्य का नाम कथित शराब घोटाले से जुड़े धन के लेन-देन में सामने आया है। गिरफ्तारी की यह कार्रवाई उसी दिन हुई, जब चैतन्य बघेल अपना जन्मदिन मना रहे थे।
ईडी ने सुबह-सुबह बघेल परिवार के भिलाई स्थित आवास पर छापा मारा, जो कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पैतृक निवास है। इस दौरान चैतन्य बघेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। ईडी का कहना है कि चैतन्य से संबंधित लेन-देन और दस्तावेजों में विसंगतियां पाई गई हैं, और यह मामला कथित शराब घोटाले में धन शोधन के पहलुओं से जुड़ा है।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग विपक्षी नेताओं और उनके परिजनों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। यह पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध है। लेकिन हमें भारत की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और हम हर प्रकार की कानूनी कार्रवाई में सहयोग करेंगे।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने जन्मदिन से जोड़ते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,
“जन्मदिन का जैसा तोहफा मोदी और शाह जी देते हैं, वैसा दुनिया के किसी लोकतंत्र में कोई नहीं देता। मेरे जन्मदिन पर मेरे सलाहकार और ओएसडी के घरों पर ईडी भेजी गई थी, और आज मेरे बेटे चैतन्य के जन्मदिन पर मेरे घर पर ईडी की टीम छापेमारी कर रही है। इन तोहफों का धन्यवाद, जो ताउम्र याद रहेंगे।”
बताया जा रहा है कि ईडी को जांच के दौरान कुछ बैंक लेन-देन, कंपनियों की फंडिंग और अन्य दस्तावेज मिले हैं, जिनमें चैतन्य बघेल की भूमिका की पुष्टि होती है। ईडी ने पिछले कुछ महीनों में छत्तीसगढ़ में चल रहे शराब घोटाले से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की है और अब इस कार्रवाई को उस जांच का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया जा रहा है।
हालांकि कांग्रेस पार्टी और भूपेश बघेल समर्थकों का कहना है कि यह पूरा मामला 2024 लोकसभा चुनाव के परिणामों और आगामी राज्य चुनावों की पृष्ठभूमि में राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है।
राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया है।
अब चैतन्य बघेल को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा सकती है। ईडी की टीम आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां कर सकती है। इस बीच, प्रदेश की राजनीति में यह मामला एक बार फिर ईडी की निष्पक्षता और केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर बहस का कारण बन गया है।