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झारखंड के विकास को लेकर मुख्यमंत्री का बड़ा निर्देश, अधिकारियों को दिए सख्त लक्ष्य

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के समग्र विकास को गति देने के लिए अधिकारियों को पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया है। गुरुवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित योजना एवं विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं, बजटीय प्रावधानों और विकास परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध निष्पादन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर चालू वित्तीय वर्ष के साथ-साथ आगामी वित्तीय वर्ष की योजनाओं को भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।

मुख्यमंत्री ने राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए नवाचार आधारित योजनाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इस दौरान विभागीय सचिव ने जानकारी दी कि इन्नोवेटिव स्कीम के तहत परियोजनाओं की सीमा को बढ़ाते हुए दो करोड़ रुपये से पांच करोड़ रुपये तक करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोजेक्ट” योजना के तहत प्रत्येक जिले के लिए विशेष परियोजनाओं के चयन को लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

बैठक में पिछले पांच वर्षों से संचालित योजनाओं की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने सुझाव दिया कि ऐसी योजनाओं का मूल्यांकन किया जाए जिनका अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहा है और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें समाप्त करने या उनमें सुधार करने पर विचार किया जाए। साथ ही केंद्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) की बेहतर मॉनिटरिंग और तकनीकी सहयोग के लिए एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) गठित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने वित्तीय अनुशासन पर बल देते हुए कहा कि योजनाओं के लिए आवंटित बजट का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कम से कम 75 प्रतिशत बजट खर्च करने के लक्ष्य पर चर्चा हुई। वहीं 60 प्रतिशत से कम व्यय करने वाले विभागों की विशेष समीक्षा कर सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता जताई गई।

बैठक में राज्य के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए अगले दस वर्षों के लिए एक व्यापक विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने का भी सुझाव दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के विकास की दिशा और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने के लिए दूरदर्शी योजना बनाना समय की आवश्यकता है।

बैठक में योजना एवं विकास मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव मुकेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

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