कुमारी शैलजा ने कार्यकर्ताओं में भरा नया जोश  

राहुल के न पहुंचने पर भी कुमाऊं के दिग्गज नेताओं ने संभाला मोर्चा…

हरीश रावत ने धामी सरकार को रिमोट कंट्रोल से चलने वाला कॉर्पोरेट मॉडल बताया

करन माहरा और यशपाल आर्य ने अग्निवीर योजना तथा पलायन पर सरकार को घेरा

उत्तराखंड में अगले साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अपनी राजनीतिक बिसात बिछा रही मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस को प्रकृति ने बड़ा झटका दिया है। कुमाऊं संभाग के केंद्र अल्मोड़ा के सिमकनी मैदान में आयोजित कांग्रेस की महारैली खराब मौसम के कारण परवान नहीं चढ़ सकी। लगातार नौ वर्षों से सूबे की सत्ता से बाहर चल रही कांग्रेस इस जनसभा को पार्टी के लिए एक राजनीतिक संजीवनी मान रही थी। इसे सफल बनाने के लिए अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, पिथौरागढ़ और नैनीताल सहित पूरे कुमाऊं क्षेत्र से भारी तादाद में कार्यकर्ता और महिलाएं धूप-छांव की परवाह किए बिना रैली स्थल पहुंचे थे। हालांकि, भौगोलिक बाधा के बावजूद राहुल गांधी ने पंतनगर हवाई अड्डे से ही वीडियो संदेश और फोन कॉल के जरिए सियासी मंत्र फूंकते हुए कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

भले ही राहुल गांधी का हेलीकॉप्टर लैंड नहीं हो पाया, लेकिन अल्मोड़ा के सिमकनी मैदान का मंच पूरी तरह सजा हुआ था। मौके पर मौजूद कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं ने बकायदा मोर्चा संभाला और चुनावी बिगुल फूंक दिया। मंच से कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने हुंकार भरते हुए कहा कि यह लड़ाई सत्य और असत्य की है, जिसमें आखिरकार सत्य की ही जीत होगी। उन्होंने भाजपा के गिरते ग्राफ का दावा करते हुए कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर एकजुट होने का आह्वान किया। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने चिरपरिचित अंदाज में सूबे की धामी सरकार को रिमोट कंट्रोल से चलने वाली सरकार करार दिया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन का यह मॉडल उत्तराखंड के जल, जंगल और जमीन को कॉर्पोरेट के हाथों सौंप रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं का भविष्य अंधकार में है।

दूसरी तरफ, प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने पहाड़ों के सबसे संवेदनशील मुद्दे ‘अग्निवीर योजना’ पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि इसने उत्तराखंड के वीर युवाओं के सेना में जाने के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। इसके साथ ही बेलगाम पलायन, दम तोड़ती खेती और चरम पर पहुंची बेरोजगारी के आंकड़ों को सामने रखकर उन्होंने जनता से सीधा संवाद किया। इन सभी वरिष्ठ नेताओं ने बकायदा फेसबुक लाइव के जरिए डिजिटल मंच तैयार किया। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि राहुल गांधी की शारीरिक अनुपस्थिति के बावजूद कांग्रेस के इरादे और हौसले चट्टान की तरह मजबूत हैं और वे आने वाले चुनावों में भाजपा की इस घेराबंदी को तोड़कर ही दम लेंगे।

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