बाग्वालीपोखर (सकुनी गांव): अल्मोड़ा जिले के बाग्वालीपोखर के सकुनी गांव में स्थित ऐतिहासिक शुकेश्वर महादेव मंदिर समूह के तीन मंदिर आज अस्तित्व की जंग लड़ रहे हैं। इन मंदिरों को अपने ऐतिहासिक स्वरूप में लौटाने के लिए पुरातत्व विभाग ने एक साल पहले शासन को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अब तक उसे स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
मंदिरों की बदहाली और सौंदर्यीकरण की चुनौती
सकुनी गांव स्थित इन मंदिरों की वर्तमान स्थिति बहुत दयनीय है। यह मंदिर नागरशैली में बने हैं और उनका रखरखाव समय के साथ बहुत खराब हो गया है। तीन मंदिरों का अस्तित्व खतरे में है, और इन्हें ठीक करने और उनके सौंदर्यीकरण के लिए एक करोड़ 40 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। हालांकि, अभी तक स्वीकृति नहीं मिलने से इस प्रस्ताव पर कोई प्रगति नहीं हो पाई है।
शुकदेव ऋषि की तपस्या स्थली
यह मंदिर शुकदेव ऋषि की तपस्या स्थली के रूप में भी प्रसिद्ध है। मान्यता है कि शुकदेव ऋषि ने यहां तपस्या की थी, और यही कारण है कि इसे धार्मिक दृष्टि से अत्यधिक महत्व प्राप्त है। मंदिर में चतुर्भुजी गणेश, शिवशक्ति, पाषाण मुख नंदी, शिव, भैरव आदि देवताओं की दुर्लभ पत्थर की मर्तियां स्थापित हैं, जो इस स्थान की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्वता को और बढ़ाती हैं।
पुरातत्व विभाग की योजना और राज्य शासन से अपेक्षाएं
अल्मोड़ा के क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी, डॉ. चंद्र सिंह चौहान का कहना है कि मंदिरों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। उनका मानना है कि अगर शासन से स्वीकृति मिलती है तो मंदिरों का पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य जल्द शुरू किया जा सकता है। वे इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानते हैं।
सही समय पर कार्रवाई जरूरी
इन मंदिरों का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व देखते हुए, अब यह अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है कि मंदिरों के संरक्षण और विकास के लिए उचित कार्रवाई की जाए। यदि प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति नहीं मिलती, तो यह धार्मिक स्थल अपने अस्तित्व को खो सकता है और लोकसंस्कृति की महत्वपूर्ण धरोहर संकट में पड़ सकती है।
निष्कर्ष
शुकेश्वर महादेव मंदिरों के सौंदर्यीकरण और पुनर्निर्माण के लिए किए गए प्रयासों को सरकार से स्वीकृति मिलनी चाहिए ताकि इस ऐतिहासिक धरोहर को सहेजते हुए इसे भविष्य में धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके। यह न केवल स्थानीय निवासियों के लिए, बल्कि देशभर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण स्थल साबित हो सकता है।