हल्द्वानी: परिवहन विभाग ने हल्द्वानी शहर में सिटी बस सेवा के संचालन के लिए सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। अब शहर के छह प्रमुख रूटों पर अलग-अलग रंगों की बसें दौड़ेंगी। रूटों की पहचान रंगों के जरिए की जाएगी, जिससे यात्री आसानी से सही बस पर सवार हो सकेंगे।
इसके अलावा, यात्रा शुल्क भी तय किया गया है – दो किमी तक का सफर 9 रुपये में और 25 किमी से अधिक के सफर के लिए 45 रुपये शुल्क लिया जाएगा।
हल्द्वानी की बढ़ती ट्रैफिक समस्या
हल्द्वानी एक बड़ा शहर है, लेकिन इसकी सड़कों की चौड़ाई कम है और वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हर साल 20,000 से अधिक वाहनों का पंजीकरण हो रहा है, जिससे शहर की सड़कें जाम से जूझ रही हैं। खासकर काठगोदाम से सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) तक आने जाने वाले लोगों की संख्या अधिक होने के कारण ट्रैफिक की समस्या और भी गंभीर हो गई है। कई बार, यात्रियों को एसटीएच पहुंचने के लिए टेंपो या ई-रिक्शा बदलने पड़ते हैं, जिससे समय और ऊर्जा की बर्बादी होती है।
सिटी बस सेवा: जाम से मुक्ति का उपाय
कमिश्नर के आदेश के बाद, हल्द्वानी में सिटी बस सेवा का खाका तैयार किया गया। पहले इसे 21 जून को शुरू किया जाना था, लेकिन बसों की उपलब्धता में देरी के कारण इसे 21 जुलाई तक के लिए टाल दिया गया। अब, 21 जुलाई को सिटी बस सेवा का शुभारंभ होगा, जिससे शहरवासियों को जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
रूटों की पहचान रंगों से: यात्रियों को होगी सुविधा
सिटी बस सेवा के तहत, परिवहन विभाग ने शहर में छह प्रमुख रूट तय किए हैं। इन रूटों को उनके नामों के साथ-साथ विभिन्न रंगों से भी पहचाना जाएगा। हर रूट पर चलने वाली बस उसी रंग की होगी, जिससे यात्री आसानी से रूट पहचान सकते हैं और गलतफहमी से बच सकते हैं। यह पहल यात्री अनुभव को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए की गई है।
आरटीओ प्रशासन का बयान
आरटीओ प्रशासन के अधिकारी सुनील शर्मा का कहना है कि सभी तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। बसों का परमिट भी जारी कर दिया गया है और 21 जुलाई को सिटी बस सेवा का संचालन शुरू होगा। उनके अनुसार, सभी रूटों को रंगों के हिसाब से तय किया गया है, ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति न हो।
निष्कर्ष
सिटी बस सेवा का शुभारंभ हल्द्वानी में परिवहन व्यवस्था को सुधारने और यातायात के दबाव को कम करने का एक बड़ा कदम साबित होगा। इसके साथ ही, लोगों को आने-जाने में आसानी होगी और शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या पर भी कुछ हद तक काबू पाया जा सकेगा।