उत्तरकाशी जिले के हर्षिल क्षेत्र स्थित क्यारकोटि के पास जलंधरी नदी में रविवार सुबह दो बकरी पालक बह गए। यह घटना तब हुई जब दोनों पशुपालक नदी के किनारे अपने पशुओं को घास खिलाने गए थे और अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से वे बह गए।
जिला आपदा परिचालन केंद्र उत्तरकाशी से मिली जानकारी के अनुसार, जैसे ही घटना की सूचना मिली, एसडीआरएफ (State Disaster Response Force), पुलिस, वन विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय ग्रामीणों की एक संयुक्त टीम मौके पर भेजी गई। यह टीम घटनास्थल तक पहुँचने के लिए दो खच्चर और दो पोर्टरों का उपयोग कर रही है। टीम ने खोजबीन शुरू कर दी है और उन्हें नदी के आसपास के क्षेत्र में राहत कार्य चलाने की जिम्मेदारी दी गई है।
घटनास्थल और घटना का विवरण:
उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी तहसील के अंतर्गत हर्षिल से करीब 14-15 किलोमीटर दूर स्थित क्यारकोटि के पास जलंधरी नदी के किनारे कई बकरी पालक रहते हैं। इन पालकों का मुख्य पेशा अपनी बकरियों के साथ चराई करना है, जो इस क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से होते हुए हिमाचल, टिहरी, झाला और बगोरी के क्षेत्र से संबंधित हैं।
बताया जा रहा है कि रविवार सुबह, जब दोनों बकरी पालक नदी के किनारे अपने पशुओं के साथ मौजूद थे, अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा और दोनों व्यक्ति बह गए। वे नदी के प्रभाव में आकर डूबते गए। घटनास्थल पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी और बचाव दल ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन अभी तक किसी के जीवित होने या मृत पाए जाने की कोई पुष्टि नहीं हो पाई है।
अवस्थाएँ और मौसम:
यह क्षेत्र पहाड़ी होने के कारण मौसम अक्सर अप्रत्याशित रहता है। खासकर मानसून के दौरान नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जो इस तरह की घटनाओं को जन्म देता है। जलंधरी नदी के आसपास का क्षेत्र सामान्यत: बर्फबारी, बारिश और भूस्खलन से प्रभावित रहता है, जिससे यहां संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। हालात को देखते हुए, स्थानीय प्रशासन ने नदी के किनारे के क्षेत्रों में और अधिक सतर्कता बढ़ाने की योजना बनाई है, ताकि आगे चलकर इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
प्रशासन का बयान और राहत कार्य:
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी ने घटनास्थल पर पहुंचे बचाव दल को निर्देशित किया है कि वे हर संभव प्रयास करें ताकि दोनों बकरी पालकों को जल्दी से जल्दी निकाला जा सके। स्थानीय ग्रामीण भी राहत कार्य में मदद कर रहे हैं, और उनके द्वारा दी जा रही सूचना के आधार पर बचाव टीम नदी के विभिन्न हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चला रही है।
इस घटना के बाद, प्रशासन ने क्षेत्रीय लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें, खासकर बारिश और बर्फबारी के मौसम में, जब नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।
स्थानीय ग्रामीणों की प्रतिक्रियाएँ:
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं यहां अक्सर होती रहती हैं। वे बताते हैं कि जलंधरी नदी का पानी तेजी से बढ़ने लगता है और कई बार चेतावनी दिए बिना ही यह घटना घटित हो जाती है। कई स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि प्रशासन को इस क्षेत्र में नदियों के आसपास चेतावनी बोर्ड लगाकर लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।