नई दिल्ली। बिहार के मंत्री तेज प्रताप यादव ने पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक को बीच में ही छोड़ दिया और आरोप लगाया कि एक वरिष्ठ नेता ने उन्हें गाली दी। यादव ने कहा कि जब श्याम रजक से कार्यक्रम के समय के बारे में पूछा तो उन्होंने गाली दी।
उन्होंने कहा, श्याम रजक ने आज मुझे, मेरे निजी सहायक और मेरी बहन को गाली दी, जब मैंने उनसे मीटिंग शेड्यूल के बारे में पूछा। मेरे पास एक ऑडियो रिकॉर्डिग है, और मैं इसे अपने सोशल मीडिया पर डालूंगा। ऐसे बीजेपी-आरएसएस के लोगों को संगठन से बाहर निकाल देना चाहिए।
राजद का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन रविवार से शुरू हो गया। हालांकि, पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं लग रहा, क्योंकि बिहार के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह भी बैठक में शामिल नहीं हुए।
दूसरी तरफ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के महासचिव श्याम रजक ने बिहार के वन एवं पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव द्वारा अपने उपर लगाये गये आरोपों के बाद एक बयान में कहा, मुझे केवल एक चीज कहनी है समरथ के होता ना कोई दोष गोसाईं।
दरअसल श्री रजक का कहना था कि जो समर्थ है उसे कुछ भी बोलने का अधिकार है। उन्होंने कहा,ह्लमैं दलित समुदाय का हूं। दलित बंधुआ मजदूर होता है। मै भी बंधुआ हूं।उन्होंने कहा कि जो लोग उनके खिलाफ बाल रहे हैं वे अपनी सामर्थ्य की वजह से बोल रहे हैं।
इससे पहले राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र श्री तेज प्रताप ने तालकटोरा स्टेडियम में चल रहे राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक छोड़कर निकल गये थे और कहा था कि श्री रजक ने बैठक का एजेंडा और कार्यक्रम मांगने पर उन्हें उनकी बहन और निजी सहायक को गालियां दीं जिसका ऑडियो टेप उनके पास है। उन्होंने कहा कि श्री रजक आरएसएस और भाजपाई हैं, उन्हें पार्टी से बाहर निकाला जाना चाहिए।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि बैठक में हंगामे के बाद श्री रजक की तबियत खराब हो गई और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।सूत्रों ने बताया कि आज की बैठक के लिए राजद के 24 राज्य इकाईयों के प्रतिनिधि आये थे। इसमें 2024 में होने वाले आम चुनाव और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की गयी।