Dehradun से शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारत सरकार द्वारा जारी वर्ष 2024-25 की परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स-2.0 (PGI) रिपोर्ट में Uttarakhand ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में 15वां स्थान हासिल किया है। पिछले वर्ष राज्य इस रैंकिंग में 24वें स्थान पर था।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री Dhan Singh Rawat ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों, शिक्षकों की मेहनत और विभागीय अधिकारियों की सतत मॉनिटरिंग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत किए गए सुधार अब जमीन पर दिखाई देने लगे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड ने 6 प्रमुख डोमेन और 72 सूचकांकों में कुल 584.5 अंक हासिल किए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 58.2 अंक अधिक हैं। राज्य ने ‘आकांक्षी-1’ श्रेणी से आगे बढ़कर ‘प्रचेष्टा-3’ श्रेणी में जगह बनाई है, जो शिक्षा क्षेत्र में तेजी से हुए सुधार को दर्शाता है।
डॉ. रावत ने बताया कि समानता एवं समावेशन के क्षेत्र में राज्य ने 260 में से 222.2 अंक प्राप्त किए हैं। वहीं गवर्नेंस प्रोसेसेज में 78.5 अंक, पहुंच क्षेत्र में 64.7 अंक और आधारभूत संरचना में 84.9 अंक हासिल हुए हैं। शिक्षक प्रशिक्षण और लर्निंग आउटकम्स में भी राज्य का प्रदर्शन बेहतर रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब गोवा, गुजरात, तमिलनाडु और हरियाणा जैसे अग्रणी राज्यों की श्रेणी में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में राज्य की पीजीआई रैंकिंग को और बेहतर बनाना है।
शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए हैं।