दूसरी सरकार के घोटाले के बहाने आप खुद के काम को जायज नहीं ठहरा सकते: त्रिवेंद्र रावत

जो अभ्यर्थी पैसा देकर भर्ती होगा वह बाद में रिश्वत लेने का ही काम करेगा

फिर कहा, मैंने भर्तियां आयोग के जरिए परीक्षा के जरिए कराने को कहा था
देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विधानसभा में कथित बैकडोर भर्ती मामले में कहा है कि दूसरी सरकार के घोटाले को बताकर आप अपने काम को जायज नहीं ठहरा सकते।

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए वित्त मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल के उस बयान को भी आड़े हाथों लिया जिसमें उन्होंने पहले भी विधानसभा में इसी तरह भर्ती होने की बात कहकर मौजूदा सरकार की भर्तियों को सही ठहराने की कोशिश की थी।

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा किसी भी नियुक्ति पर सब का समान अधिकार होता है। राष्ट्रपति भवन हो या राजभवन सभी जगह पारदर्शिता होनी चाहिए। सरकारी पैसे का दुरुपयोग तो बिल्कुल नहीं होना चाहिए ।

उन्होंने कहा पूर्व में यदि कोई गलत काम हुआ है तो उसका उदाहरण देकर हम कोई घोटाला नहीं कर सकते। उन्होंने कहा यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि जो अभ्यर्थी पैसा देकर भर्ती होगा वह भी बाद में रिश्वत लेने का ही काम करेगा।

त्रिवेंद्र रावत ने फिर दोहराया कि उन्होंने विधानसभा की भर्तियां आयोग के जरिए परीक्षा के जरिए करवाने को कहा था, लेकिन उनके हटते ही कुछ और हो गया।
उन्होंने कहा कि उन्होंने विधानसभा में भर्ती के लिए आयोग से परीक्षा कराने की नोटिंग संबंधित फाइल पास की थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद , कैसे विधानसभा सचिवालय में भर्ती को पहले की तरह करने को मंजूरी दे दी गई।

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गोविंद सिंह कुंजवाल के बयान पर भी तंज किया। उन्होंने कहा जिस तरह गोविंद सिंह कुंजवाल ने अपने बेटे और बहू को लगाने की बात को मीडिया के सामने रखा है । उससे उनका अहंकार दिखाई देता है, जो कि बिल्कुल भी उचित नहीं है।

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