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एनआईआरएफ रैंकिंग 2022 की घोषणा, यूपीईएस 65वां स्‍थान पार

जुलाई। भारतीय के माननीय केन्‍द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्‍द्र प्रधान ने देश के सभी कॉलेजों और संस्‍थानों के लिये एनआईआरएफ रैंकिंग 2022 की घोषणा की है, जिनमें देहरादून की यूपीईएस ने 65वां स्‍थान पाया है।

यूनिवर्सिटी रैंकिंग के साथ भारत में यूपीईएस का स्‍कूल ऑफ इंजीनियरिंग 61वें और मैनेजमेंट संस्‍थानों में स्‍कूल ऑफ बिजनेस 41वें पायदान पर रहा, जबकि यूपीईएस स्‍कूल ऑफ लॉ ने 21वां स्‍थान पाया।

नेशनल इंस्टिट्यूशनल रैंकिंग फ्रैमवर्क शिक्षा मंत्रालय द्वारा भारत के उच्‍च शिक्षा संस्‍थानों को दर्जा दिये जाने का एक तरीका है और इसे विभिन्‍न श्रेणियों में जारी किया जाता है, जैसे ओवरऑल कॉलेज, इंजीनियरिंग, फार्मेसी, मैनेजमेंट, मेडिकल, आर्किटेक्‍चर, डेंटल और रिसर्च।

इसके विभिन्‍न मापदंड होते हैं, जैसे शिक्षण, पढ़ाई एवं संसाधन, शोध एवं पेशेवर पद्धति, ग्रेजुएशन के परिणाम, पहुँच एवं समावेशन और धारणा।

रैंकिंग्‍स पर अपनी बात रखते हुए, यूपीईएस के वाइस चांसलर डॉ. सुनील राय ने कहा, “भारत के शीर्ष संस्‍थानों में गिना जाना यूपीईएस के लिये गर्व की बात है। अलग-अलग स्‍कूलों की रैंकिंग्‍स के अलावा हमारी यूनिवर्सिटी रैंकिंग साल दर साल ऊँची हो रही है और हम वैश्विक स्‍तर का संस्‍थान बनने के अपने लक्ष्‍य को लेकर प्रतिबद्ध हैं।

यह यूपीईएस के लिये एक बड़ी उपलब्धि है और हम शिक्षा देने की विश्‍व स्‍तरीय पद्धतियों और मजबूत शैक्षणिक समुदाय को मिलाकर शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति जारी रखेंगे और विद्यार्थियों को भविष्‍य में बदलाव लाने वालों के तौर पर विकसित करेंगे।”

यूपीईएस की सफलता के विभिन्‍न कारकों में निम्‍नलिखित शामिल हैं:
नियुक्तियाँ: इस साल यूपीईएस की नियुक्तियाँ बेजोड़ रहीं, रिक्रूटर्स के 4000 से ज्‍यादा ऑफर्स के साथ हर दिन 20 से ज्‍यादा ऑफर्स मिले। भारतीय और वैश्विक कॉर्पोरेशंस में 20 से ज्‍यादा सेक्‍टरों में नियुक्तियों के साथ, यूपीईएस की नियुक्तियों के आंकड़े और वार्षिक पैकेजेस अपने पिछले आंकड़ों से बेहतर रहे, जो यूनिवर्सिटी के लिये एक उल्‍लेखनीय उपलब्धि है। इस साल यूपीईएस स्‍कूल ऑफ इंजीनियरिंग, स्‍कूल ऑफ कंप्‍यूटर साइंस, स्‍कूल ऑफ हेल्‍थ साइंसेज एंड टेक्‍नोलॉजी और स्‍कूल ऑफ बिजनेस ने भी 100% नियुक्तियों का रिकॉर्ड बनाया है।
शैक्षणिक उत्‍कृष्‍टता: यूपीईएस को इसकी शैक्षणिक उत्‍कृष्‍टता के लिये जाना जाता है, जो पढ़ाने की विश्‍व स्‍तरीय पद्धतियों को एक मजबूत शैक्षणिक समुदाय से मिलाती है। यूनिवर्सिटी आधुनिक टेक्‍नोलॉजी और पढ़ाई की विधियों को अपनाने में अग्रणी रही है और उसके पास जाने-माने शिक्षक हैं, जो दुनियाभर की यूनिवर्सिटीज से आते हैं, जैसे फुलब्राइट स्‍कॉलर्स, रोड्स स्‍कॉलर्स, चेवेनिंग, डीएएडी, एरास्‍मस और कॉमनवेल्‍थ स्‍कॉलर्स और साथ ही शीर्ष भारतीय संस्‍थानों से। पिछले एक वर्ष में दोगुने हुए अपने रिसर्च आउटपुट के साथ यूपीईएस खोज के एक केन्‍द्र के रूप में बेहतरीन है।
समावेशन: यूपीईएस के पास ऐसा वातावरण है, जहाँ हर व्‍यक्ति के लिये समान अवसर हैं। यूपीईएस मेरिट स्‍कॉलरशिप्‍स की पेशकश करती है, जिनमें से 50% छात्राओं के लिये आरक्षित हैं। यूनिवर्सिटी अपने भीतर खेलों की संस्‍कृति को बढ़ावा देने के लिये स्‍पोर्ट्स स्‍कॉलरशिप्‍स की पेशकश भी करती है और समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों के लिये फ्रीशिप्‍स देती है। इनके अलावा, यूपीईएस सुविधाओं से वंचित विद्यार्थियों और हाउसकीपिंग कर्मचारियों के प्रशिक्षण तथा कौशल निर्माण के लिये काम कर रही है। उन्‍हें संवाद कौशल, डिजिटल साक्षरता और कानूनी अधिकार आदि देकर आत्‍मनिर्भर बना रही है।

यूपीईएस एक बहुविषयक यूनिवर्सिटी है और अपने आठ स्‍कूलों के माध्‍यम से विशेषीकृत अंडर-ग्रेजुएट तथा पोस्‍ट–ग्रेजुएट प्रोग्राम्‍स की पेशकश करती है। यह स्‍कूल हैं- स्‍कूल ऑफ इंजीनियरिंग, स्‍कूल ऑफ कंप्‍यूटर साइंस, स्‍कूल ऑफ डिजाइन, स्‍कूल ऑफ लॉ, स्‍कूल ऑफ बिजनेस, स्‍कूल ऑफ हेल्‍थ साइंसेस, स्‍कूल ऑफ मॉडर्न मीडिया और स्‍कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स।

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