देहरादून। उत्तराखंड इनवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) की भूमि को लेकर उठ रहे सवालों पर भाजपा ने विपक्ष को जवाब दिया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि बोर्ड के अंतर्गत आने वाली समस्त भूमि का स्वामित्व सरकार के पास ही सुरक्षित रहेगा। सरकार का उद्देश्य सरकारी जमीनों को बेचना नहीं, बल्कि उनका बेहतर उपयोग कर निवेश, रोजगार और पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देना है।
नेता प्रतिपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए चौहान ने कहा कि विपक्ष इस पूरी प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक परिसंपत्तियों को निवेश और सतत पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है, ताकि प्रदेश की आर्थिक संभावनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत निजी निवेशकों को केवल स्वीकृत परियोजनाओं के विकास और संचालन का अधिकार दिया जाएगा। इसके लिए निवेशकों को निर्धारित निवेश प्रतिबद्धताओं, विकास के विभिन्न चरणों, पर्यावरणीय सुरक्षा मानकों और अन्य शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।
चौहान ने कहा कि इस पूरी व्यवस्था में जमीन का मालिकाना हक, नियामक नियंत्रण और उपयोग से जुड़े अधिकार सरकार के पास ही रहेंगे। परियोजना के लिए निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद परिसंपत्तियों को पुनः राज्य को हस्तांतरित करने का अधिकार भी सुरक्षित रहेगा।
उन्होंने कहा कि इस पहल से प्रदेश में निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा। विशेष रूप से आतिथ्य सत्कार क्षेत्र में करीब 1,500 से 2,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। इससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।
भाजपा मीडिया प्रभारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित रखते हुए उनका जनहित और प्रदेश के आर्थिक विकास में प्रभावी उपयोग करना है।

