नई दिल्ली : चुनाव आयोग ने सर्वोच्च न्यायालय की हालिया टिप्पणी के पश्चात मीडिया से संबंधित स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि आयोग हमेशा स्वतंत्र मीडिया में विश्वास करता रहा है। चुनाव आयोग ने कहा कि देश में चुनावी लोकतंत्र को मजबूत करने में मीडिया की सकारात्मक किरदार को इसके सभी सदस्य कबूल करते हैं।
सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग की याचिका पर सोमवार को सुनवाई के दौरान कहा था कि लोकतंत्र में मीडिया अहम तथा पावरफुल वॉचडॉग है तथा उसे उच्च न्यायालय में हुई चचार्ओं की रिपोर्टिंग से रोका नहीं जा सकता है।
चुनाव आयोग ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा कि आयोग मानता है कि पहले के या मौजूदा चुनावों के संचालन में मीडिया ने अहम भूमिका अदा की है। बयान में बताया गया है कि चुनाव आयोग ने मीडिया के सिलसिले में अपनी स्थिति से संबंधित हालिया नैरेटिव पर संज्ञान लिया है। बयान के अनुसार, चुनाव सुप्रीम कोर्ट के समक्ष इस पर पूर्ण रूप से सहमत था कि मीडिया रिपोर्टिंग पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए।
चुनाव आयोग के अनुसार, आयोग चुनाव प्रबंधन को मजबूत करने तथा चुनावी प्रक्रिया के आरम्भ से लेकर आखिर तक कैंपेनिंग, पोलिंग स्टेशन स्तर से काउंटिंग तक, पारदर्शी कवरेज के लिए मीडिया के किरदार का सम्मान करता है।
मीडिया के साथ सहयोग को लेकर चुनाव आयोग का रुख दोस्ताना है तथा यह हमेशा ऐसा ही रहेगा। चुनाव आयोग ने मद्रास उच्च न्यायालय की आलोचनात्मक टिप्पणियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसमें उसे कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर फैलने के लिए अकेले जिम्मेदार ठहराया गया।