देश में है शहद उत्पादन बढ़ाने की क्षमता, मधुक्रांति पोर्टल और हनी कॉर्नर परियोजनाओं का शुभारंभ

देश में  मधुमक्खी पालन से किसानोंकी आय बढ़ाने पर जोर देते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि शहद उत्पादन के लिए एक तरह से प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। नेफेड ने शहद की मार्केंटिंग की कमान संभाल ली है जो शुभ संकेत हैं। तोमर ने ‘‘मधुक्रांति पोर्टल’’ और ‘‘हनी कॉर्नर’’ सहित शहदपरियोजनाओं का शुभारंभ की। मधुमक्खी पालकों को अच्छा मार्केट मिलना चाहिए। देश में शहद उत्पादन क्षमता बढ़ाने की क्षमता है, परगुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मधुमक्­खी पालन संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए सरकार की विभिन्­न पहलें मधुमक्­खी पालन का कायाकल्­प करने में मदद कर रही हैं, जिसके परिणाम स्­वरूप प्रत्­येक वर्ष लगभग 1.20 लाख टन शहद का उत्­पादन देश के ग्रामीण इलाकों में विशेष रूप से किया जा रहा है। इसका लगभग 50 प्रतिशत निर्यात किया जाता है। शहद और संबंधित उत्पादों का निर्यात बढ़कर करीब दोगुना हो चुका है।

मधुमक्खी पालन के लिये  जागरुकता अभियान  जरूरत

मधुक्रांति पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता आएगी। हम जो कुछ भी कर रहे हैं, वह वैश्विक मानकों पर खराउतरना चाहिए। मंत्रालय ने पिछले कुछ समय में मापदंड बनाए हैं, जिससे स्थिति में काफी सुधार आयाहै। उन्होंने कहा कि कृषकउत्पादक संगठन (एफपीओ) में छोटे मधुमक्खीपालकों को शामिल करने के लिए जागरुकता अभियान चलाने की जरूरत है, साथ ही उन्हें प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम भी बनाया जाएं।उल्लेखनीय है कि एफपीओ को विपणन सहायता के लिए नेफेड ने दिल्ली में 15 हनी कॉर्नर विकसित किए हैं, जो आश्रम, नया मोती बाग और ईस्ट आफ कैलाश आदि जगह है, वहीं पंचकूला और मसूरी में भी नेफेड बाजार है। शहद और अन्य मधुमक्खी उत्पादों के विपणन सहायता को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख 200 नेफेडस्टोर्स में से अधिकांश में हनी कॉर्नर विकसित किए जाएंगे।

किसानों की आयवृद्धि के लिए सरकार पूरी शिद्दत से कर रही  काम

कृषि क्षेत्र को आगे बढ़ाने तथा किसानों की आयवृद्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार पूरी शिद्दतके साथ काम कर रही है। केंद्र सरकार के प्रयासों से आज पूरे देशमें किसान एवं किसानी के क्षेत्र में एक अलग प्रकार की उमंग पैदाहो रही है। प्रधानमंत्री के मन में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने कींचिं ता है, इसीलिए सरकार अनेक योजनाओं पर काम कर रहीहै। तोमर ने कहा कि शहद का उत्पादन बढ़ाकर निर्यात में वृद्धिकी जा सकती है, रोजगार बढ़ाए जा सकते हैं और गरीबी उन्मूलनकी दिशा में भी बेहतर काम किया जा सकता हैं। मधुमक्खीपालन, मत्स्य पालन और पशु पालन के माध्यम से हम भूमिहीनकिसानों को गांवों में ही अच्छा जीवन जीने का साधन दे सकते हैं।मधुक्रांति पोर्टल राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन केतहत राष्ट्रीय बी बोर्ड की एक पहल है। यह पोर्टल डिजिटलप्लेटफॉर्म पर शहद एवं अन्­य मधुमक्खी उत्पादों के ट्रेसेबिलिटीस्रोत को प्राप्त करने के लिए आनलाइन पंजीकरण की खातिरविकसित किया गया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के विकास केलिए तकनीकी और बैंंकिंग सहयोगी इंडियन बैंक है।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.