महिला से ही घर बनता है: पुरी

केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कल प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) और विभिन्न स्तरों पर इस योजना से जुड़ी अन्य महिला लाभार्थियों के सराहनीय प्रयासों को सम्मानित और प्रोत्साहित करने के लिए एक वर्चुअल कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर श्री पुरी ने कहा कि ‘गृहस्वामिनी’ के मूल भारतीय दर्शन में निहित भावना दर्शाती है कि महिला से ही घर बनता है। एक घर का स्वामित्व न केवल महिला को सशक्त बनाता है, बल्कि इस घर को उसके परिवार के लिए भी एक बेहतर स्थल बनाता है। उन्होंने कहा कि संपत्ति के साथ एक घर के रूप में न सिर्फ एक महिला में सुरक्षा की भावना में वृद्धि होती है अपितु यह उसे घर से जुड़े निर्णय लेने में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने से साथ-साथ वित्तीय सुरक्षा की भावना भी प्रदान करता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मंत्रालय 2022 तक ‘सभी के लिए आवास’ प्रदान करने के प्रधानमंत्री के स्वप्न को साकार करने की दिशा में प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बेहतर आवास तक पहुंच न सिर्फ महिलाओं, उनके बच्चों और पूरे परिवार बल्कि उनके जीवन पर भी गतिशील रूप से प्रभाव डालता है।

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