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विरोधियों ने बिहार का विकास रोका : मोदी

सासाराम:   प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) एवं कांग्रेस का नाम लिए बगैर उनपर जमकर हमला बोला और कहा कि बिहार की जनता ने जब उन्हें पंद्रह वर्ष बाद सत्ता से बेदखल किया तो केंद्र की यूपीए सरकार में शामिल इन दलों ने अपना गुस्सा नीतीश सरकार पर निकाला और इस प्रदेश के विकास की राह में रोड़े अटकाए। श्री मोदी ने शुक्रवार को रोहतास जिले के सासाराम से बिहार के 25 विधानसभा क्षेत्र के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) उम्मीदवारों के पक्ष में आयोजित अपनी पहली चुनावी रैली में संबोधन की शुरूआत भोजपुरी भाषा में की और कहा, बिहार के स्वाभिमानी और मेहनती भाई-बहन, अन्नदाता मेहनतकश किसान आप सभे के परनाम। हम ई गौरवशाली धरती के हम नमन कर तानी। मां मुंडेश्वरी माता के ई पावन भूमि पर रउआ सब के अभिनंदन कर तानी। उन्होंने राजद और कांग्रेस पर इशारो-इशारों में निशाना साधा और कहा कि इन लोगों ने अपने पंद्रह वर्ष के कार्यकाल में बिहार को लूटा और उसका मान मर्दन किया। यहां जनता ने उन्हें विश्वास के साथ सत्ता सौंपी थी लेकिन उन्होंने सत्ता को अपनी तिजारी भरने का माध्यम बना लिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब बिहार के लोगों ने पंद्रह साल बाद उन्हें सत्ता से बेदखल किया और श्री नीतीश कुमार की अगुवाई में राजग की सरकार बनाई तो ये लोग बौखला गए। उन्हें काफी गुस्सा आया और उनके मन में जहर भर गया। इसके बाद दस साल तक इन लोगों ने केंद्र में संप्रग सरकार में रहते हुए बिहार के लोगों के प्रति अपना गुस्सा बिहार पर निकाला। संप्रग सरकार के माध्यम से इन लोगों ने बिहार के विकास की राह में न केवल रोड़े अटकाए बल्कि पूरी विकास प्रक्रिया को ही बाधित कर दिया।
श्री मोदी ने कहा, मुझे याद है उस समय मैं गुजरात का और नीतीश जी बिहार के मुख्यमंत्री थे। हम केंद्र की तत्कालीन संप्रग सरकार की बैठक में जाते थे तो श्री कुमार बार-बार कहते थे कि बिहार के विकास को मत अटकाइये लेकिन दस साल तक संप्रग सरकार के लोगों ने नीतीश जी को एक काम भी नहीं करने दिया। उन्होंने वर्ष 2015 में श्री कुमार के जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेतृत्व वाले महागठबंधन सरकार को याद करते हुए कहा कि बाद में बिहार में 18 महीने क्या हुआ यह उन्हें बताने कहने की जरूरत नहीं है। इन 18 महीनों में परिवार ने क्या-क्या किया, कैसे-कैसे खेल किये, कौनी सी बातें अखबारों में छाई रहती थी ये बातें उन्हें बताने की जरूरत नहीं है। यह सब बिहार की जनता से छुपा नहीं है। प्रधानमंत्री ने राजद पर निशाना साधा और कहा कि जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस खेल को समझा कि इनके साथ बिहार का भला तो छोड़एि बिहार और पंद्रह साल पीछे चला जएगा तो उन्होंने सत्ता छोड़ दी। उन्होंने कहा, बिहार की भलाई के लिए हम एक बार फिर नीतीश जी के साथ आए। वर्ष 2014 में प्रधान सेवक बनने के बाद मुझे श्री कुमार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए केवल तीन चार साल का ही मौका मिला है बाकी तो संप्रग के साथ संघर्ष करने में बिहार का समय बीत गया है। उन्होंने बिहार की जनता को आगाह करते हुए कहा कि इन लोगों को आपकी जरूरतों से कभी सरोकार नहीं रहा। इनका ध्यान केवल अपने स्वार्थों की पूर्ति करने पर और अपने तिजोरी भरने पर रहा है। यही कारण है कि भोजपुर सहित पूरे बिहार में लंबे समय तक बिजली, सड़क और पानी जैसी मूल सुविधाओं का विकास नहीं हो पाया। हालत यह थी कि कैमूर में जिस दुर्गावती सिंचाई परियोजना का शिलान्यास बाबू जगजीवन राम ने 70 के दशक में किया था वह इतने वर्षों में भी पूरी नहीं हुई थी। इस काम को राजग सरकार ही पूरा कर रही है। श्री मादी ने कहा कि राजग के सभी घटक दल मिलकर आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बिहार के निर्माण में जुटे हैं। बिहार को अभी मीलों आगे जाना है। बीते वर्षों में बिहार के गरीब, वंचित, दलित, पिछड़े, अतिपिछड़े आदिवासी समाज तक सभी सुविधा पहुंचाने के प्रयास किये गये हैं। गरीबों के लिए इन सुविधाओं को हासिल कर पाना किसी जमाने में बहुत मुश्किल था आज उन्हें वह सब मिल रहा है। आज इन वर्गों के लोगों को अपना पक्का मकान बिना किसी भेदभाव के मिल रहा है, आज वह संपन्न परिवार की तरह रसोई गैस पर खाना पका रहा है , आज उसके घर में भी शौचालय है, उसके बच्चे बिजली में पढ़ाई कर पा रहे हैं, वह बीमार होता है तो उसे पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा है, शुद्ध पानी की व्यवस्था है, जिसे बिहार की बहनों-बेटियों से बेहतर कौन समझ सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी बिहार में राशन लूट लिया जाता था वहां आज गरीबों के घर तक राशन पहुंचाया गया है। गरीब भूखा न सोए, दिवाली और छठ पूजा ठीक से मना सके इसके लिए मुफ्त अनाज की व्यवस्था की गई है। इसी कोरोना के दौरान कारोड़ों गरीब के बैंक खाते में सीधी मदद भेजी गई। मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर की व्यवस्था की गई।

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