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देहरादून में मिठाई की दुकानों पर खाद्य विभाग की छापेमारी, ट्रे पर निर्माण और एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य

 देहरादून। त्योहारी सीजन में लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखंड खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर देहरादून जिले में रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों, बेकरी और खाद्य निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच के साथ जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन भी किया गया।

देहरादून नगर निगम क्षेत्र के अलावा विकासनगर, सेलाकुई और मसूरी में संचालित प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान संदेह के आधार पर कुल आठ खाद्य नमूने एकत्र किए गए। इन नमूनों को परीक्षण के लिए खाद्य विश्लेषणशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मिठाई निर्माण इकाइयों का भी निरीक्षण

निरीक्षण अभियान के तहत आनंदम स्वीट्स की निर्माण इकाई की जांच की गई। अधिकारियों के अनुसार, यहां साफ-सफाई की स्थिति उचित पाई गई। खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए विभाग की ओर से अन्य प्रतिष्ठानों की भी जांच की जा रही है।

विकासनगर और सेलाकुई क्षेत्र में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकासनगर संजय तिवारी ने धूलकोट स्थित स्वीट्स वीके की निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। जांच में प्रतिष्ठान के पास खाद्य लाइसेंस तो मिला, लेकिन वह मैन्युफैक्चरिंग श्रेणी का नहीं था। इस पर अधिकारियों ने लाइसेंस में आवश्यक संशोधन होने तक निर्माण कार्य स्थगित रखने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान पेयजल की जांच रिपोर्ट और कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं मिले। अधिकारियों ने संदेह के आधार पर रसगुल्ला, लड्डू और बर्फी के तीन नमूने लेकर जांच के लिए भेजे।

मिठाइयों की ट्रे पर तारीख अंकित करना जरूरी

खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई विक्रेताओं को नियमों का पालन करने और उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता व सुरक्षित उपयोग से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण और एक्सपायरी तिथि लिखना अनिवार्य बताया गया है।

विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना तथा त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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