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आवरण कथा

कूटनीति की अग्निपरीक्षा

कनाडा में निज्जर की हत्या के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो ने भारत के एजेंटों पर खुले तौर पर लगाया आरोप  जी-20 के सफल आयोजन के बाद ऐसे हालात किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं  आलोक भदौरिया, नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति (International Diplomacy) में भारत फिलहाल घिरता नजर आ रहा है।…
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बंटने लगे दायित्व

भाजपा के अंदर गुटबाजी चरम पर है। दायित्व आवंटन में हर गुट को संतुष्ट नहीं किया गया तो नाराजगी बढ़ेगी ही। मौजूदा  जिन 10  कार्यकर्ताओं  को दायित्व से नवाजा गया हैं,ये सभी पार्टी के सीनियर नेता हैं, इसको लेकर पार्टी के अंदर ज्यादा  हड़कंप नहीं मचेगा  रणविजय सिंह उत्तराखंड (Uttarakhand) सरकार ने…
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डेंजर जोन में मणिपुर

सरकार की आफत, क्या मणिपुर बनेगा सियासी 'भस्मासुर'!   वीरेंद्र सेंगर  नयी दिल्ली। मणिपुर (Manipur )में हालात 'गृह युद्ध' के बने हुए हैं। महिलाओं को प्रतिशोध के लिए निर्वस्त्र सड़कों पर घुमाया गया। इसके वीडियो वायरल हुए। बर्बर सामूहिक बलात्कार किए गए। इसकी फुटेज भी वायरल हुई। भारत ही नहीं,…
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बिछ गई बिसातें

कांग्रेस कर्नाटक विजय से बम-बम भाजपा के पास है केन्द्र का दम अब मध्यप्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव पर मंथन अमित नेहरा, नई दिल्ली। इस साल की शुरुआत फरवरी महीने में पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड के विधानसभा चुनावों के साथ हुई। मई में कर्नाटक…
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फैसलों में झलक रही जिम्मेदारी

उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य के विजन को लेकर चल रही सरकार धामी अपने एक्शन से पार्टी के भीतर की कूटनीति और विपक्षी दलों के दांव का जवाब दे रहे आशीष सिंह, विशेष संवाददाता। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने ही सरकार की योजनाओं को लेकर इन दिनों विशेष रूप से चर्चा में…
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आओ आध्यात्मिक जीवन अपनाकर दिव्य आनंद के द्वार खोलें

एडवोकेट किशन भावनानी वैश्विक स्तरपर भारत को अनंत काल सदियों से आध्यात्मिक देश माना जाता है, क्योंकि हमारा हज़ारों वर्षों का इतिहास देखा जाए तो उसमें इसके प्रमाण मिलते हैं। इसलिए मेरा मानना है कि दुनिया में जहां भी भारतवंशी होगा वहां आध्यात्मिकता का अंश ज़रूर होगा। आज के वैश्विक डिजिटल युग में…
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खान अब्दुल गफ्फार खान (सरहदी गाँधी) की याद में

मुख्तार खान बात उन दिनों की है, महात्मा गाँधी को दक्षिण अफ्रीका से लौटे अभी चंद वर्ष ही बीते थे। जल्द ही उनके द्वारा चलाये जा रहे अहिंसक, सत्यग्रह की चर्चा चारो तरफ होने लगी थी। सैकड़ों मील दूर अफगानिस्तान की सरहद पर पशतून पठान कबीले तक भी यह बात पहुंची। इसी कबीले के एक पढे लिखे…
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जोशीमठ आपदा : वैज्ञानिक सुझावों की हुई अनदेखी!  

आपदा हो या भूकंप, इससे बचा नहीं जा सकता। लेकिन इससे बचाव और राहत कैसे मिले, इस दिशा में भी काम करना होगा। हां, यह भी जरूरी है कि आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विभाग को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाया जाना चाहिए! क्योंकि इससे नुकसान होगा। आपदा प्रबंधन को सशक्त कैसे बनाया जाए। इस पर गौर करने की जरूरत है...…
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