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राजनीति

‘राम’ के उपासक महात्मा गांधी का नाम मनरेगा से हटाने के मायने!

डा.श्रीगोपाल नारसन एडवोकेट  मोहनदास करमचंद गांधी जिन्हें पूरा देश राष्ट्रपिता के रूप में या फिर महात्मा गांधी के रूप में जानता है,को जब सिरफिरे नाथूराम गोड़से ने उनकी प्रार्थना सभा के बाद उन्हें गोली मारी तो बापू दर्द से करराहे नही बल्कि उनके मुख से एक ही शब्द निकला,'हे राम' इसी शब्द ने बापू को अमर…
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मेस्सी विवाद: पैसा, सत्ता और 2026 से पहले तमाशे की राजनीति

आफरीन हुसैन कोलकाता में आयोजित लियोनेल मेसी का कार्यक्रम अब एक खेल उत्सव से कहीं आगे बढ़कर एक ऐसे राजनीतिक विवाद में बदल चुका है, जिसमें आगामी चुनावों की साफ़ झलक दिखाई देती है। जिसे बंगाल की फुटबॉल संस्कृति के लिए एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में पेश किया गया था, वही आयोजन अब अभिजात वर्ग के कब्ज़े,…
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मुर्शिदाबाद की बाबरी : क्या निशाने पर मस्जिद है या ममता बनर्जी का मुस्लिम वोट?

आफ़रीन हुसैन मुर्शिदाबाद में MLA हुमायूँ कबीर द्वारा बाबरी मस्जिद की “नींव-स्थापना” की घोषणा ने बंगाल की राजनीति में अचानक भारी हलचल पैदा कर दी। लेकिन असली मुद्दा मस्जिद का नहीं—मस्जिद के बहाने वोटों की राजनीति का है। यही वजह है कि इस पूरे मामले को धार्मिक भावना से अधिक, ममता बनर्जी के पारंपरिक…
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एसआईआर में चौंकाने वाला खुलासा: लाखों मतदाता ‘गायब’ या ‘फर्जी’ मिले

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में नाम हटने की आशंका सामने आई है। चुनाव आयोग के प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, अब तक ड्राफ्ट सूची से 54 लाख 59 हजार 541 नाम बाहर होने का अनुमान है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा उन मतदाताओं का है जिनकी मृत्यु हो…
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तमिल राजनीति में हलचल! पूर्व मंत्री सेंगोट्टैयन टीवीके में शामिल—विजय ने दी बड़ी जिम्मेदारी?

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में गुरुवार को एक बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला, जब एआईएडीएमके के निष्कासित वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मंत्री के.ए. सेंगोट्टैयन ने तमिलगा वेत्रि कझगम (टीवीके) का दामन थाम लिया। अभिनेता से नेता बने और टीवीके के संस्थापक विजय ने उन्हें पार्टी कार्यालय पनयूर में…
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क्या भारत की अल्पसंख्यक आबादी को हाशिये पर धकेला जा रहा है?

एक ऐसी लंबी श्रृंखला के सवाल—जिनके जवाब देने की हिम्मत कोई नहीं करता (आफरीन हुसैन) जिस दिन यह साफ़ होने लगा कि भारत में अल्पसंख्यकों पर दबाव बढ़ रहा है, उसी दिन एक और बात भी स्पष्ट हो गई एक ऐसा पैटर्न बन रहा है जिसे बहुत से लोग मानने तक को तैयार नहीं। 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली…
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लालू परिवार: हार के बाद… राजनीति, अहंकार और बिखराव की नई दास्तान

बिखरती हुई विरासत या बदलती हुई नेतृत्व? बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में नए सवाल, नई व्यंग्य और नए विरोधाभास (आफ़रीन हुसैन) बिहार के चुनावी नतीजों ने जहां कई राजनीतिक नेतृत्व की हकीकत उजागर कर दी, वहीं लालू प्रसाद यादव का परिवार एक ऐसी राजनीतिक पहेली बनकर उभरा है जिसे सुलझाने के लिए शायद केवल…
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चुनाव हार पर प्रशांत किशोर का प्रायश्चित! गांधी आश्रम में क्यों रखेंगे उपवास?

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में अपेक्षा से कहीं कम प्रदर्शन के बाद जनसुराज के संस्थापक और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने मंगलवार को हार की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर लेते हुए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह जनता से किए गए वादों को पूरा न कर पाने के कारण महात्मा गांधी भीतहरवा आश्रम में एक दिवसीय…
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गुवाहाटी एयर शो देखने सबकुछ छोड़ 20 लाख से अधिक नगरवासी उमड़े

सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार गुवाहाटी। गुवाहाटी में आज, रविवार को हुए देश के दूसरे और सबसे बड़े, दुश्मन देश चीन की सीमा से लगे, पूर्वोत्तर भारत के पहले एयर शो को देखने को ब्रह्मपुत्र के आर-पार लगभग 15 किमी इलाके में तिल धरने की भी जगह नहीं बची। 20 लाख से अधिक लोगों ने सीधे देखा। लगभग पूरा…
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बिहार चुनाव 2025: ‘राम-सीता’ की लहर बदलेगी जातीय राजनीति का चेहरा!

अयोध्या में राम मंदिर के भव्य उद्घाटन ने उत्तर प्रदेश की राजनीति का स्वरूप पूरी तरह बदल दिया। अब वही धार्मिक लहर बिहार की धरती पर उतरती दिख रही है — माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी में भव्य मंदिर के शिलान्यास के रूप में। जिस तरह अयोध्या की आस्था ने उत्तर प्रदेश में हिंदुत्व की राजनीति को नई दिशा दी,…
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