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आयुष चिकित्सालय होंगे पूरी तरह डिजिटल, 1 मार्च 2026 से ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य

देहरादून।  प्रदेश के आयुष चिकित्सालयों को सुदृढ़ और डिजिटल बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सचिव आयुष रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में निदेशक आयुर्वेद डॉ. विजय कुमार जोगदंडे सहित सभी जनपदों के आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथी अधिकारियों तथा संयुक्त निदेशकों ने भाग लिया।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट, राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं और ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के लिए स्वीकृत चार लाख रुपये की सीमा में चल रहे रिनोवेशन कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी आयुष चिकित्सालयों में रोगी पंजीकरण व्यवस्था को पूर्णतः ऑनलाइन पोर्टल पर स्थानांतरित किया जाए। इसे 1 मार्च 2026 से अनिवार्य रूप से लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक माह कम से कम आठ चिकित्सालयों का अनिवार्य निरीक्षण किया जाए और दवाओं के स्टॉक रजिस्टर नियमित रूप से अद्यतन रखे जाएं। भविष्य में इन रजिस्टरों को भी ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

विभागीय कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए सचिव ने जिलों में कार्यरत कार्मिकों की गतिविधियों और प्रगति की निगरानी हेतु एक समर्पित ऑनलाइन मॉनिटरिंग पोर्टल विकसित करने के निर्देश भी दिए।

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