नई दिल्ली, नरेन्द्र मोदी ने एआई इम्पैक्ट समिट के इतर भूटान और कजाखस्तान के प्रधानमंत्रियों से अलग-अलग मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने शेरिंग तोबगे के साथ बैठक में भारत-भूटान सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। यह समीक्षा नवंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की भूटान यात्रा के बाद हुए विकास कार्यों के संदर्भ में की गई। तोबगे ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना और गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी परियोजना में भारत के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। दोनों देशों ने ऊर्जा, कनेक्टिविटी और विकास साझेदारी को और सशक्त करने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने, अनुभव साझा करने और संयुक्त समाधान विकसित करने पर सहमति बनी।
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने ओलझास बेक्टेनोव से भी मुलाकात की। उन्होंने एआई इम्पैक्ट समिट में कजाखस्तान की भागीदारी की सराहना करते हुए इसे तकनीकी सहयोग के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। बैठक में राजनीतिक, व्यापार, रक्षा और सुरक्षा संबंधों की समीक्षा की गई। ऊर्जा, कनेक्टिविटी और उभरती प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
दोनों बैठकों में एआई और नई तकनीकों के उपयोग को भविष्य की साझेदारी का अहम आधार माना गया। लोगों के बीच संपर्क और रणनीतिक संवाद को और मजबूत करने पर भी सहमति बनी।
भारत की यह कूटनीतिक पहल क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर तकनीक-आधारित साझेदारी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।