देहरादून।
लंबित वादों के त्वरित निस्तारण को लेकर देशभर की न्यायिक व्यवस्था में एक बड़ा और सकारात्मक कदम उठाया गया है। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशन पर 2 जनवरी 2026 से देशभर में **‘मीडियेशन फॉर द नेशन’** नामक 90 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया गया है। इस विशेष पहल का उद्देश्य मीडियेशन और मध्यस्थता के माध्यम से अधिक से अधिक लंबित मामलों का आपसी सुलह-समझौते से समाधान करना है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की सचिव **श्रीमती सीमा डुँगराकोटी** ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान विवादों के त्वरित, सरल और सौहार्दपूर्ण समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। मीडियेशन के माध्यम से न केवल मामलों का शीघ्र निस्तारण होता है, बल्कि इससे समय और खर्च की भी बचत होती है। साथ ही, इस प्रक्रिया में गोपनीयता बनी रहती है और पक्षकारों के बीच आपसी विश्वास व संबंध भी सुरक्षित रहते हैं।
उन्होंने बताया कि न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करने के लिए यह अभियान बेहद प्रभावी साबित हो सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि आमजन न्यायिक प्रक्रिया में होने वाले मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और लंबे समय तक चलने वाले मुकदमों से बचते हुए आपसी सहमति से अपने विवादों का समाधान कर सकें।
मध्यस्थता एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें प्रशिक्षित मध्यस्थ की सहायता से दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित किया जाता है और विवाद का समाधान खोजा जाता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वैच्छिक, निष्पक्ष और पारदर्शी होती है।
यह अभियान विशेष रूप से **पारिवारिक विवाद, वैवाहिक विवाद, संपत्ति से जुड़े मामले, मकानमालिक-किरायेदार विवाद, धन लेन-देन, श्रम विवाद और अन्य नागरिक प्रकृति के मामलों** में मीडियेशन को प्रोत्साहित करता है।
जनपद देहरादून के अंतर्गत **देहरादून, विकासनगर, ऋषिकेश, डोईवाला, चकराता और मसूरी** स्थित न्यायालयों में जिन वादकारियों के मामले लंबित हैं, वे इस अभियान का लाभ उठा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।