जेनेवा में गूंजा भारत का रंग, मोरों की तस्वीर बनी ‘फोटो ऑफ द वीक’

भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र कार्यालय, जेनेवा को भेंट किए गए पांच भारतीय मोर अब एरियाना पार्क पहुंच गए हैं। मोरों के पहुंचने के बाद संयुक्त राष्ट्र ने उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं और इसे ‘फोटो ऑफ द वीक’ के तौर पर पेश किया। भारत की इस पहल को सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण और भारत-यूएन संबंधों के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र जेनेवा कार्यालय ने ‘एक्स’ पर तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि भारत के राष्ट्रीय पक्षी से जुड़े ये पांच मोर अब एरियाना पार्क का हिस्सा बन गए हैं। इनमें चार नीले और एक सफेद मोर शामिल है। खास बात यह है कि एरियाना पार्क में मोरों की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। यहां एक सदी से भी अधिक समय से मोर विचरण करते आ रहे हैं।

07 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अरिंदम बागची ने एक विशेष कार्यक्रम में पांचों मोरों को संयुक्त राष्ट्र कार्यालय, जेनेवा की महानिदेशक तात्याना वलोवाया को सौंपा था। इस मौके पर वलोवाया ने भारत सरकार की पहल की सराहना की।

फिलहाल इन मोरों को सुरक्षित और बंद परिसर में रखा जाएगा। बताया गया है कि शुरुआती करीब तीन महीने तक उनकी देखभाल इसी अस्थायी आवास में की जाएगी। वयस्क होने के बाद उन्हें एरियाना पार्क में खुले तौर पर विचरण करने की अनुमति दी जाएगी।

भारत और संयुक्त राष्ट्र के बीच मोरों का यह संबंध भी पुराना है। वर्ष 1981 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र कार्यालय, जेनेवा को एक जोड़ी मोर भेंट किए थे। अब पांच नए मोरों के आने से पार्क की जैव विविधता और समृद्ध होगी।

भारतीय मिशन के अनुसार, मोर भारत की सुंदरता, गरिमा और दृढ़ता का प्रतीक है। यह उपहार भारत की समृद्ध प्राकृतिक विरासत और जैव विविधता संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही, इसे बहुपक्षवाद, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और भारत-यूएन की दीर्घकालिक मित्रता के प्रतीक के रूप में भी देखा जा रहा है।

 

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