कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज नहीं दिखा रहा रुचि
चंदोली गांव के ग्रामीणों में रोष‘
पौड़ी।राज्य बने दो दशक से ज्यादा समय बीत चुका लेकिन पहाड़वासियों की पहाड़ जैसी समस्याएं आज भी मुहबायें खड़ी है, राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव किस तरह आम जनता की जान पर भारी पड़ रहा है, इसकी एक बेनामी लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज के गृह क्षेत्र बीरोंखाल विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम चंदोली में देखने को मिल रही है। सड़क न होने के कारण यहां ग्रामीणों को बीमार परिजनों को अस्पताल पहुँचाने के लिए दो किलोमीटर तक स्ट्रेचर पर ढोना पड़ रहा है।
मामले की जानकारी देते हुए ग्राम प्रधान संदीप गुसाईं ने बताया कि हाल ही में रविवार 20 सितंबर को गांव की बुजुर्ग नन्दुली देवी की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। गांव तक सड़क मार्ग न होने के कारण एम्बुलेंस या अन्य कोई वाहन घर तक नहीं पहुँच सका। इसके बाद मजबूरन ग्रामीणों और नजदीकी ग्राम पाड़ली के युवाओं में अमित गुसांईं, रिषभ, चन्द्रपाल सिंह, विक्रम सिंह और ग्राम प्रधान संदीप गुसांईं की मदद से मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाकर दो किलोमीटर की बेहद कठिन और खड़ी चढ़ाई पार कर मुख्य मार्ग तक पहुँचाया गया, जिसके बाद उन्हें बीरोंखाल स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जा सका।
ग्राम प्रधान ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, कैबिनेट मंत्रियों और विभागीय अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन आज तक धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस संबंध में लोनिवि के अधिशासी अभियंता लोकेश सारस्वत का कहना है कि गांव के लिए सड़क स्वीकृत है लेकिन ग्रामीणों में सड़क मिलान बिन्दु को लेकर विवाद चल रहा है, जिस कारण निर्माण कार्य में देरी हो रही है। वहीं राजस्व विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण कर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई चल रही है।
दूसरी तरफ ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द चंदोली गांव के लिए सड़क निर्माण का मार्ग प्रशस्त नहीं किया गया, तो उन्हें मजबूरन उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।