क्वेटा। पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। सुराब जिले में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है, जबकि खुज़दार में रात के समय बाजार, दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन के इन फैसलों को क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति से जोड़कर देखा जा रहा है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सुराब जिले में लगाया गया कर्फ्यू 09 अगस्त से 15 अगस्त तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान हर दिन रात 8 बजे से सुबह 9 बजे तक लोगों की आवाजाही पर रोक रहेगी। प्रशासन ने अधिसूचना जारी कर लोगों से कर्फ्यू के दौरान घरों में रहने और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। आदेश का उल्लंघन करने वालों को उनके कृत्यों से होने वाले संभावित नुकसान के लिए स्वयं जिम्मेदार बताया गया है।
वहीं, खुज़दार जिले में भी प्रशासन ने रात के समय व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है। उप-आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सभी बाजार, दुकानें, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान रात 8 बजे से सुबह 10 बजे तक बंद रहेंगे। यह आदेश अगले निर्देश तक लागू रहेगा।
बलूचिस्तान में सुरक्षा हालात को लेकर मानवाधिकार संगठनों की ओर से भी समय-समय पर चिंता जताई जाती रही है। बलोच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग पांक ने पिछले महीने दावा किया था कि सुराब के निगार इलाके से 19 वर्षीय मजदूर सईद अहमद को 12 जुलाई को कथित तौर पर जबरन लापता किया गया।
इसके अलावा खुज़दार में बलोच नागरिक इनायतुल्लाह जट्टक की हत्या को लेकर भी बलोच कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार संगठनों ने सवाल उठाए हैं। बलोच वॉयस फॉर जस्टिस के अनुसार, जट्टक की 04 अगस्त को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। संगठन का दावा है कि घटना से कुछ घंटे पहले उनकी बेटी अस्मा जट्टक ने परिवार की सुरक्षा को लेकर सार्वजनिक रूप से चिंता जताई थी।
बलूचिस्तान के दो जिलों में प्रशासन की ताजा सख्ती के बाद क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर नजर बनी हुई है।